करनाल। दानवीर कर्ण की ऐतिहासिक नगरी में अब महात्मा गांधी की दांडी यात्रा की झलक दिखाई देगी। शहर के गांधी चौक पर खाली जमीन को गांधी पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। दो कनाल जमीन पर विकसित होने वाले इस पार्क में दांडी मार्च या नमक आंदोलन पर आधारित मूर्तियां लगाई जाएंगी। जो युवा पीढ़ी एवं चौक से गुजरने वाले लोगों को स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष को प्रदर्शित करने के साथ-साथ 1930 के नमक सत्याग्रह मार्च के बारे में भी जागरूक करेंगी।
स्मार्ट सिटी के तहत इस खास प्रोजेक्ट पर 25 लाख रुपये खर्च होंगे। करनाल स्मार्ट सिटी परियोजना की देखरेख करने वाली कंपनी करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। दिसंबर माह में कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
राजस्थानी वास्तुकला को दर्शाती झरोखा दीवार के पीछे बनेगा पार्क
महात्मा गांधी चौक पर स्लीप लेन के साथ राजस्थान की वास्तुकला को दर्शाती झरोखा दीवार नगर निगम ने कई साल पहले तैयार की थी। रात में इस दीवार में जलने वाली लाइटें सभी को आकर्षित करती हैं। इसी दीवार के पीछे कस्टोडियन की जमीन है, जहां पुरानी कचहरी होने के समय भवन था। यह भवन जर्जर होने के कारण कुछ समय पहले गिरा दिया था। अब खाली भूमि को समतल करके यहां पार्क विकसित किया जाना है।
24 दिन चला था ऐतिहासिक दांडी आंदोलन
दांडी मार्च भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की अहम कड़ी है। जिसे ब्रिटिश शासन के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन का एक हिस्सा माना जाता है, जिसके तहत महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता सेनानियों ने साबरमती आश्रम अहमदाबाद से तटीय गांव दांडी तक मार्च किया था। 24 दिन के इस ऐतिहासिक आंदोलन के बाद अंग्रेजों द्वारा लगाए गए नमक कानून को भंग किया गया।
स्वतंत्रता संग्राम को उजागर करने के लिए महात्मा गांधी चौक को सुशोभित करने जा रहे हैं, जहां राष्ट्रपिता के नाम पर एक पार्क विकसित किया जाएगा। दांडी मार्च का चित्रण देश के स्वतंत्रता संग्राम के बारे में युवाओं को जागरूक करेगा। रात में भी लोग चित्रण देख सकें, इसके लिए एलईडी लाइटें भी लगेंगी।
- निशांत कुमार यादव, डीसी एवं सीईओ स्मार्ट सिटी करनाल