विकास सदन में बुधवार को नगर निगम के बजट को लेकर बुलाई विशेष बैठक में फिर से पुराना मुद्दा गूंजा। डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने मेयर द्वारा पिछली बैठक के दौरान पार्षद को कहे गए अपने शब्द वापस लेने की बात कही तो सदन में हंगामा शुरू हो गया। वहीं, उनका साथ देते हुए पार्षद बाघ सिंह ने फिर से पिछला मुद्दा रखा और बकाया टैक्स को लेकर निगम से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी।
करीब आधा घंटे तक सदन में हंगामा रहा। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस दौरान सभी पार्षद और अधिकारी अपनी अपनी सीट से खड़े हो गए। डिप्टी मेयर और पार्षद बाघ सिंह अपनी बात पर अड़े रहे, वहीं मेयर ने इस बारे में कोई टिप्णी नहीं दी। इसके बाद सभी सदन से वाकआउट कर गए।
बुधवार को 11 बजे विकास भवन में निगम की बजट को लेकर बैठक हुई। बैठक में सभी की सहमति से बजट पारित कर दिया गया। जैसे ही बजट पास हुआ तो डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने कहा कि तीन फरवरी को हुई सदन की बैठक में मेयर रेणुबाला गुप्ता ने एक पार्षद को सदन से गेट आउट कहा था, इस मामले में वे अपने शब्द वापस लें। इतना कहते ही सदन में एक बार तो सन्नाटा छा गया, बाद में कुछ पार्षद मेयर के पक्ष में आए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
वहीं पार्षद बाघ सिंह ने फिर से अपनी बात दोहराई और बकाया केबल टैक्स मामले में निगम के अधिकारियों से कार्यवाही का जानकारी मांगी। इस पर मेयर रेणुबाला गुप्ता कहा कि वे पारिवारिक मुद्दे यहां नहीं उठाए जा सकते, इस पर पलटवार करते हुए वार्ड एक के पार्षद बाघ सिंह ने कहा कि यह पारिवारिक नहीं है, यह निगम का मामला है।
15 मिनट चली नोकझोंक
करीब 15 मिनट तक इसी प्रकार से तीखी नोंकझोंक होती रही। वहीं, मनोज वधवा मेयर द्वारा कहे गए शब्द लेेने पर अड़े रहे, लेकिन वहीं मेयर के पक्ष में पार्षद बलविंद्र सिंह व सतीश कुमार समेत अन्य पार्षद आकर खड़े हो गए। शोरगुल और तल्ख आवाज के बीच सभी सदन से वाकआउट कर गए। सदन में करीब आधा घंटे तक पार्षद आपस में ही उलझे रहे और एक दूसरे के साथ नोंक झोंक करते रहे। डिप्टी मेयर और पार्षद बलविंद्र की काफी तीखी बहस भी हुई । इससे पहले, आयुक्त सुमेधा कटारिया ने सदन का आश्वासन दिया कि केबल टैक्स मामले में जांच की जा रही है, जांच में दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा।
पिछली बैठक में भी हुआ था हंगामा
बता दें कि निगम की पिछली बैठक तीन फरवरी को हुई थी। इस बैठक में भी जमकर हंगामा हुआ था। पार्षद बाघ सिंह द्वारा केबल मामला उठाए जाने पर मेयर ने उन्हें सदन से गेट आउट होने के लिए कहा था, लेकिन इस पर डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने कड़ा ऐतराज जताते हुए काफी बवाल काटा था। पिछली बैठक में भी मनोज वधवा व अन्य पार्षद मेयर के इन शब्दों को वापस लेने को अड़े थे, लेकिन मेयर ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया और वे चुप रही।
कौन क्या कहता है
इस बारे में डिप्टी मेयर मनोज वधवा का कहना है कि मेयर का सदन व पार्षदों के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है, हम यह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। मेयर को अपने कहे हुए शब्द वापस लेने चाहिए, आगे भी मेरा यही स्टैंड रहेगा।