करनाल। विदेश भेजने के नाम पर एक आठवीं पास चालक से 5.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पैसों की धोखाधड़ी के साथ फर्जी वीजे और टिकट के आधार पर उसे कतर देश भेज दिया। वहां कई महीनों तक बंधक बनाकर भूखा रखा, शौचालय साफ कराने समेत अन्य अमानवीय अत्याचार किए और परिजनों से फिरौती भी मांगी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर युवक के रिश्ते में नानी चमेली देवी समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में कैथल के पबनावा निवासी चमेली का बेटा राम कुमार, संजीव कुमार व पंजाब निवासी बलविंद्र कौर, गुरदेव कौर और सुखदेव सिंह भी शामिल हैं।
पुलिस को दी शिकायत में मंजूरा निवासी पवन कुमार ने बताया कि उसकी गांव स्योंत निवासी सगी मामी कांता देवी की मौसी चमेली देवी उनकी रिश्ते में नानी लगती हैं। मार्च-2019 में वे मामा के घर गए तो उनकी मुलाकात चमेली से हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका लड़का साइप्रस में है और उन्हें भी वहां काम दिलवा सकती है। एवज में 5.50 लाख रुपये मांगे। परिवार के सभी सदस्य इसके लिए सहमत हो गए।
उन्होंने जमीन को दो साल के लिए ठेके पर देकर 12 जून 2019 को दो लाख रुपये और दस्तावेज दे दिए। एक महीने में वीजा आने का आश्वासन भी दिया गया। 2 सितंबर 2019 को फोन किया और कहा कि आपके वीजा के दस्तावेज तैयार हो गए है और आपकी हम टिकट करवा रहे हैं। जैसे ही टिकट कंफर्म हो जाएगी तो वीजा और टिकट दोनों दे देंगे। इसके बाद तीन लाख रुपये और ले लिए।
जनवरी-2020 में वे उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर ले गए परंतु वहां पर टिकट कंफर्म ना होने पर एयरपोर्ट से उसे बाहर निकाल दिया गया। 22 फरवरी को उनकी दिल्ली से कतर देश के दोहा की टिकट देकर भेज दिया। वे अपने साथ 1.70 लाख रुपये के डॉलर लेकर गए थे। फिर उन्हें वहां एयरपोर्ट पर ही बंधक बनाकर एक कमरे में बंद कर दिया। साथ ही परिजनों से पांच लाख रुपये की मांग की। पवन ने बताया कि इस दौरान उन पर अमानवीय अत्याचार करते हुए भूखा रखा गया, पत्थर तुड़वाए गए, गंदगी उठवाई और शौचालय साफ कराए गए। बेटे की मौत के भय से परिवार ने 4.18 लाख रुपये दिए।
पवन ने बताया कि आरोपियों की चुंगल से भागकर वह भारतीय दूतावास पहुंचा। जहां घर वालों ने टिकट के पैसों का इंतजाम करके उसे 11 दिसंबर 2020 को वापस बुलाया। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। ब्यूरो