फर्जी बिल पर खनिज सामग्री के ट्रक निकाले जाने के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। डंपर संचालकों से जो बिल बरामद हुए हैं, पुलिस ने पावंटा साहिब जाकर बिल पर अंकित पते को खंगाला तो वहां उस नाम की फर्म ही नहीं मिली।
इस तरह से फर्जी फर्म और फर्जी बिल काटने का गोरखधंधा सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। जिससे अब यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि रेत बजरी के फर्जी बिल काटने का मामला हरियाणा में ही बैठकर किया जा रहा है। पुलिस को ये भी आशंका है कि इस पूरे मामले में सिरमौर और यमुनानगर जिले के परिवहन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। वहीं छछरौली पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने दोनों को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड के दौरान फर्जी बिल मामले से ओर भी खुलासा होने का अंदेशा है। दरअसल एक दिसंबर की रात को डीटीओ ने दो डंपरों को पकड़ा था। जिसके कागजातों की जांच की गई तो एक फर्म के बिल और ई रवाना फर्जी पाएं गए थे।
इस गोरखधंधे में कई लोग जुड़े हुए हैं जो चैन सिस्टम बनाकर कार्य करते हैं। फर्जी बिल काटने के मामले में प्रताप नगर के गांव बंबेपुर निवासी जाबिन को भी पुलिस ने नामजद किया है। इसकी भूमिका इस मामले में सबसे बड़ी नजर आ रही है। पुलिस ने जाबिन के घर पर छापामारी कर कुछ कागजात और उसका लैपटॉप जब्त किया है। पुलिस द्वारा जब्त किए गए लैपटॉप को खोलने में जुटी है। लैपटॉप से फर्जी बिल काटने के मामले कई अहम सुराग मिल सकते हैं। जाबिन वैसे अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। जिसके लिए एक पुलिस टीम बनाकर जगह-जगह दबिश दी जा रही है।
अभी तक की जांच में पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। पता चला है कि एक ट्रक का बिल 4000 से 5000 रुपये तक में अवैध खनन करने वालों को बेचा जाता था। फर्जी बिल काटकर इस गोरखधंधे से जुड़े लोग अवैध खनन करने वालों से रोजाना लाखों की कमाई करते थे। यह लोग फर्जी बिल काट कर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं। इस मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स बनाकर की जाए तो इसमें और भी चौंकाने वाले खुलासे होंगे। पुलिस द्वारा फर्जी बिल काटने के मामले का खुलासा होने के बाद दो दिनों से सड़कों पर एकदम से रेत बजरी के वाहनों में कमी देखी जा रही है। जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि फर्जी बिलों का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाता था। प्रशासन द्वारा अब सभी गाड़ियों के बिलों सत्यापन किया जाएगा।
थाना छछरौली प्रभारी पृथ्वी सिंह का कहना है कि फर्जी बिल काटने के मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। जिले में बड़ा रैकेट चलाया जा रहा था। रिमांड के दौरान इस मामले से जुड़े और भी खुलासे होने की उम्मीद है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी भी इसमें शामिल होगा तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।