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तीन बच्चों को नहर में फैंकने वाले पिता को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

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पति-पत्नी के बीच विवाद के चलते तीन बच्चों को नहर में फेंकने के आरोपी पिता को पुलिस ने वीरवार को दोबारा अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले आरोपी पिता का दूसरी बार कोरोना टेस्ट करवाया गया। दूसरी ओर 10 दिन बाद भी दो बच्चों के शव बरामद नहीं हो सके हैं। ऐसे में एनडीआरएफ की टीम वापस लौट गयी है, जबकि स्थानीय गोताखोर अभी तलाश में जुटे हुए हैं।
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बता दें कि गांव नली पार निवासी सुशील कुमार ने विगत 23 नवंबर को रात सवा नौ बजे कलवेहड़ी सुभरी के निकट आवर्धन नहर में अपने तीन बच्चों को फेंक दिया था। पुलिस ने 24 नवंबर को उसे गिरफ्तार किया था। अगले दिन अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। फिर आरोपी को जेल भेज दिया गया। इसी दौरान जिला प्रशासन ने गोताखोरों की कई टीमों सहित एनडीआरएफ की टीम भी नहर में उतारी, लेकिन कई दिन तक किसी बच्चे का शव बरामद नहीं हुआ। इस पर पुलिस ने आरोपित को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाकर अदालत में पेश कर उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। इस दौरान उससे गहन पूछताछ की गई, लेकिन मामले में कोई नया तथ्य सामने नहीं आया। इस बीच आठ वर्षीय शिव का शव गांव सिरसी से करीब दो किलोमीटर आगे नहर से बरामद हुआ, जबकि पांच वर्षीय जाह्नवी और तीन वर्षीय देव का शव अब तक बरामद नहीं हुआ है।
एनडीआरएफ की टीम वापस लौटी :- आवर्धन नहर व पश्चिमी यमुना नहर में बच्चों को तलाश करने के अभियान में जुटी रही एनडीआरएफ की टीम अब वापस लौट गई। जिला उपायुक्त निशांत यादव और पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया की सिफारिश पर बच्चों को नहर में तलाश करने के लिए यहां पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने तीन दिन तक नहर में बच्चों के शव तलाश करने के प्रयास किए।
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एनडीआरएफ की टीम वापस जाने के बाद भी स्थानीय गोताखोर बच्चों की तलाश कर रहे हैं। नहर में पानी का स्तर कुछ कम हुआ है। सर्च अभियान को ढीला नहीं रहने दिया जाएगा। वे खुद इस सर्च अभियान की निगरानी कर रहे हैं। -मुनीष कुमार, थाना प्रभारी
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