- एनबीके और एसवाईएल नहर पर 23.39 करोड़ से बनाए जा रहे चार पुल
मुकेश राणा
करनाल। जिले से राजस्थान और पंजाब का सफर आसान होने वाला है। आवाजाही के लिए वाहन चालकों को नए पुलों के रूप में चौड़ा रास्ता मिलेगा। काछवा मार्ग से कैथल की ओर जाने वाले स्टेट हाईवे-9 पर स्थित एनबीके (नरवाणा ब्रांच कैनाल) और एसवाईएल नहर पर पीडब्ल्यूडी की ओर से पूर्णत: लोहे के चार पुलों का निर्माण किया जा रहा है। दो नहर एक साथ होने के कारण आने और जाने के लिए अलग-अलग पुल होंगे। जिन पर पीडब्ल्यूडी की ओर से 23.39 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पुल के किनारों पर पैदल चलने के लिए फुटपाथ भी रखा जाएगा। पुल का निर्माण भारी भरकम लोहे के गार्डर से किया जा रहा है। चारों पुलों में इस्तेमाल गार्डर का वजन 900 टन होगा। पुल की लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 10 मीटर होगी। बताया जा रहा है कि दोनों नहर पर पहले बने पुल जर्जर हो चुके हैं। पुलों की चौड़ाई भी कम है, क्योंकि ये काफी समय पहले बने थे। विभाग का दावा है कि इन पुलों का बेहतर डिजाइन तैयार किया गया है।
कंक्रीट पुल की नहीं मिली अनुमति
विभाग का कहना है कि कंक्रीट पुल के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग की ओर से अनुमति नहीं मिल सकी, क्योंकि दोनों नहर में लगातार पानी बहता है। जो अन्य मार्गों से होता हुआ दिल्ली तक जाता है।
इन जगहों को जोड़ेगा पुल
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रमेश कुमार ने बताया कि स्टेट हाईवे-9 करनाल से कैथल मार्ग से जींद, हांसी-हिसार होते हुए राजस्थान को जोड़ता है, जबकि दूसरी ओर हरियाणा सीमा से सटे पंजाब के खनौरी, पातड़ो से पटियाला को जोड़ती है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग काफी व्यस्त मार्गों में से एक है। जिस पर दिन-रात वाहनों की आवाजाही रहती है।
तीन करोड़ से बनाई जा रही सड़क
दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से पश्चिमी यमुना नहर पर काछवा पुल की ओर से कैथल पुल तक की सड़क का सुदृढ़ीकरण करवाया जा रहा है। विभाग की ओर से सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। सड़क पर 50 एमएम डीबीएम (डेंस बिटुमिन मेकडम)व 30 एमएम बीसी (बिटुमिन बाइंडर कोर्स) का इस्तेमाल किया जाएगा।
काछवा मार्ग पर स्थित नहर पर लोहे के चार पुलों का निर्माण आने वाले समय को ध्यान में रख कर बनाया जा रहा है। जिस पर विभाग की ओर से 23.39 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पश्चिमी यमुना नहर पर भी करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क का सुदृढ़ीकरण करवाया जा रहा है।
- संदीप सिंह, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग करनाल