केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर अब ब्राह्मण समाज हुंकार भरेंगे। केंद्र
में 15 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर 29 नवंबर को दिल्ली में जंतर-मंतर
पर धरना देकर अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। धरने को सफल बनाने को लेकर समाज
के लोग बैठकें और दौरे कर रहे हैं।
इसके मद्देनजर रविवार को ब्राह्मण भवन
में समाज के लोगों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय ब्राह्मण
आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीराम दीक्षित ने की। दीक्षित
ने बताया कि हरियाणा में आर्थिक रूप से पिछड़े ब्राह्मण, बनिया, राजपूत व
पंजाबी समुदाय के लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है।
इसके पीछे शर्त
यह है कि सभी साधनों से व्यक्ति की आय 3.57 लाख रुपये प्रति साल से ज्यादा
नहीं होनी चाहिए। यह आरक्षण वर्ष 2013 से प्राप्त है, लेकिन लोगों को इसकी
जानकारी नहीं है, लेकिन हमारी लड़ाई केंद्र में समाज के लोगों को 15
प्रतिशत आरक्षण दिलाना है।
इसके लिए पूरे देश में माहौल बनाया जा रहा है।
दीक्षित ने बताया कि देश में करीब 36 करोड़ लोग ब्राह्मण समाज से संबंधित
हैं और इनमें से 60 प्रतिशत से ज्यादा युवा बेरोजगार हैं। इनके लिए यह
संघर्ष किया जा रहा है। दीक्षित ने समाज के लोगों का आह्वान किया कि वे
दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने दोहराया कि
आरक्षण जाति के आधार पर न होकर आर्थिक आधार पर होना चाहिए।
वे न तो किसी
जाति का विरोध कर रहे हैं और न ही किसी के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन कर रहे
हैं। इस मौके पर करनाल ब्राह्मण सभा के प्रधान सुरेंद्र बड़ौता, भूषण
अत्री, महासचिव देवीचंद शर्मा, रामकुमार दीक्षित, बलवान शर्मा, जय भगवान
शास्त्री, जगदीश पटवारी, मधुसूदन शर्मा, मेघराज शर्मा, मुकेश शर्मा,
महेंद्र, रोहताश, सुखदेव शर्मा, रोहित शर्मा आदि मौजूद रहे।
धर्मशाला के लिए मांगी जमीन
जिला
करनाल ब्राह्मण सभा के प्रधान सुरेंद्र बड़ौता ने बताया कि इस दौरान सभा
के सदस्यों के साथ हुई बैठक में कई प्रस्ताव भी पारित किए गए। सभा में
ब्राह्मण धर्मशाला निर्माण के लिए अलग से जगह देने की मांग की गई। साथ ही
भगवान परशुराम चौक के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया। बड़ौता ने बताया
कि इसके अलावा समाज में बुराइयों को समाप्त करने पर मंथन किया गया।