भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि केंद्र व प्रदेश
सरकार की ओर से किसानों की लगातार उपेक्षा से किसान समुदाय में गहरा रोष
पनप रहा है। इसको लेकर 20 नवंबर को लोहारू में राज्य स्तरीय किसान अधिकार
महापंचायत आयोजित की जा रही है। महापंचायत में बिजली की बढ़ाई गई दरों को
वापस न लिए जाने के विरोध में बिलों की होली भी जलाई जाएगी। भाकियू के
राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकेत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह सहित कई
प्रमुख किसान नेता महापंचायत को संबोधित करेंगे।
प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने
बताया कि भाकियू के बैनर तले किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर काफी समय से
शांतिप्रिय तरीके से धरना-प्रदर्शन करके अपनी आवाज को बुलंद करते आ रहे
हैं। इसमें पिछले 30 सितंबर को प्रदेशभर में सांकेतिक तौर पर 26 स्थानों पर
किया गया सड़क रोको आंदोलन भी प्रमुख तौर पर शामिल है, लेकिन इसके बावजूद
भाजपा की सरकारें किसानों के प्रति उदासीन बनकर चुप्पी साधे हुए है।
किसान
नेता मान ने कहा कि सरकार की चुप्पी को तोड़ने के लिए लोहारू स्थित लाल
बहादुर शास्त्री पार्क में किसान अधिकार महापंचायत आयोजित की जा रही है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर पूर्णरूप से किसान विरोधी सरकार होने का आरोप
लगाते हुए कहा कि किसान हितैषी स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को केंद्र की
सरकार लागू न करके किसानों के हितों पर कुठाराघात कर रही है।