शहर के महर्षि वाल्मीकि चौक से रेलवे रोड और पुरानी सब्जी मंडी रोड तक अधिक यातायात और भीड़ रहती है। वहीं महर्षि वाल्मीकि चौक से पुराने बस अड्डे और आंबेडकर चौक तक भी जाम की स्थिति बनी रहती है। इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए करनाल स्मार्टसिटी लिमिटेड के अधिकारियों ने मंथन तेज कर दिया है। इसके लिए 150 करोड़ रुपये की लागत से करीब 3.709 किमी लंबे फ्लाईओवर ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है।
स्मार्ट सिटी के सीईओ एवं उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में बैठक करके फ्लाई ओवर प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की और इसे अंतिम रूप दिया। उन्होंने अगले सप्ताह ही इसका टेंडर लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद टेक्निकल व फाइनेंशियल बिड होंगी और किसी अच्छी कंपनी को फ्लाईओवर का निर्माण की जिम्मेदारी दी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि फ्लाई ओवर के दोनों सेक्शन में कुल 95 पिलर बनाए जाएंगे। यह दो लेन का होगा। पुल के नीचे दोनों ओर की सड़कों को उपलब्ध स्पेस अनुसार चौड़ा कर नया स्वरूप दिया जाएगा। फरवरी माह के अंत या मार्च से पहले हफ्ते में इसके निर्माण का कार्य शुरू हो सकता है। उससे पहले यूएचबीवीएन से सड़क के बीचों बीच खड़े बिजली के खंबे और लाइटें शिफ्ट करवाई जाएंगी।
फ्लाईओवर ब्रिज का पहला भाग
-निशांत कुमार यादव ने बताया कि फ्लाई ओवर के दो भाग होंगे। एक भाग में ये रेलवे रोड स्थित खालसा कॉलेज चौक से शुरू होकर महर्षि वाल्मीकि चौक- पुरानी सब्जी मंडी रोड-मुगल कैनाल से होते हरियाणा नर्सिंग होम तक जाएगा। इसकी लंबाई करीब 2.771 किमी होगी।
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फ्लाईओवर ब्रिज का दूसरा भाग
-दूसरे भाग में फ्लाईओवर महर्षि वाल्मीकि चौक से शुरू होकर पुराना बस अड्डा-कर्ण पार्क से होकर आंबेडकर चौक तक बनाया जाएगा। यह करीब एक किलो मीटर (0.938 किमी) लंबा होगा। महर्षि वाल्मीकि चौक टी प्वाइंट रहेगा।
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-यह फ्लाई ओवर सुगम यातायात के लिए मील का पत्थर साबित होगा। शहर के व्यस्त मार्गों पर चलने वाले वाहनों को सुविधा मिलेगी, जगह-जगह जाम नहीं लगेंगे। शहर के नागरिकों के लिए यह फ्लाईओवर बड़ी सौगात होगी। शहर के विकास को गति मिलेगी।
निशांत कुमार यादव, उपायुक्त/सीईओ करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड
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