निसिंग में डीएसपी असंध श्यामलाल कौशिक ने थाने में पुलिसकर्मियों के साथ बैठक की। मौके पर पुलिसकर्मियों को अवैध रूप से पटाखे बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा कि पटाखे बिक्री का लाइसेंस रखने वाले दुकानदारों का पटाखा गोदाम बस्ती से बाहर होना चाहिए।
दीपावली के दिनों में शराब पीकर हुड़दंग मचाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शहर के मुख्य बाजारों में दुकानों के सामने सड़कोें पर वाहन खडे़ करने वाले वाहनों के चालान किए जाएंगे ताकि बाजार में जाम की स्थिति पैदा नहीं हो। बैठक के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ मुख्य बाजार का दौरा किया। मौके पर सड़क पर अतिक्रमण करने वाले वाहनों को हटवाया गया।
उन्होंने दीपावली पर्व के लिए सभी नगरपालिका सचिवों को सड़क के फुटपाथ पर सामान रखकर बेचने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई करने की अपील की गई ताकि बाजार में भीड़ से आमजन को परेशानी नहीं हो। डीएसपी ने लोगों से पटाखों रहित दीपावली मनाने की अपील की ताकि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके। बैठक में थाना प्रभारी जगदीश मोर, नफे सिंह, बलविंदर सिंह, सुनील कुमार, जयभगवान शर्मा, जयपाल राणा, रामकिशन, राजबीर सिंह, गुलाब सिंह व सोमप्रकाश मौजूद रहे।
अवैध पटाखे बेचते दो दुकानदार काबू
निसिंग शहर के मुख्य बाजार में अवैध रूप से पटाखे बेच रहे कई दुकानदारों पर थाना पुलिस ने कार्रवाई की। मौके से भारी मात्रा में पटाखे व आतिशबाजी पकड़े गए। पुलिस ने पटाखों को अपने कब्जे में लेकर दुकानदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बुधवार देर शाम एएसआई नफे सिंह ने मुख्य बाजार में छापामारी की। मौके पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर खुलेआम पटाखे बेचते एक दुकानदार से हजारों रुपये के पटाखे बरामद किए गए और आरोपी को दबोच लिया गया। उन्होंने वार्ड नंबर आठ स्थित एक दुकानदार के घर पर छापामारी कर 15 हजार रुपये के पटाखे व आतिशबाजी पकड़ी। पुलिस ने दोनों दुकानदारों को अदालत में पेश किया।
थाना प्रभारी जगदीश मोर का कहना है कि बाजार में व्यस्त जगहों पर अवैध पटाखे बेचने वाले दुकानदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
शहर मेें चार जगहों पर ही बेचे जा सकेंगे पटाखे
दीपावली के अवसर पर आगजनी, मानव जीवन व संपत्ति को नष्ट होने से बचाने और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधीश विकास यादव ने आदेश जारी कर धारा 144 और विस्फोटक नियम 1983 के नियम 142 के तहत नगर निगम, नगरपालिका व अन्य क्षेत्रों में घनी आबादी व तंग बाजारों में विस्फोटक आतिशबाजी की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
आदेशों में कहा गया कि आतिशबाजी, जिनमें तेजी से चलने वाली सुरी, डे आउट व नाइट आउट और खतरनाक तरह के पटाखे, जो ऊंचाई पर जाकर विस्फोट करते हैं व अन्य खतरनाक तरह के बम, शहर की हद में और असंध, इंद्री, घरौंडा, नीलोखेड़ी, तरावड़ी, निसिंग व जिला के अन्य क्षेत्रों में नहीं बेचे जा सकेंगे। आतिशबाजी की बिक्री निमभन निर्धारित किए गए स्थानों पर 1 से 3 नवंबर तक की जा सकेगी।
इन स्थानों में करनाल के सेक्टर-12, हुडा क्षेत्र (बस स्टेंड के प्रस्तावित क्षेत्र), सेक्टर-16 दशहरा ग्राउंड व सेक्टर-32 हुडा ग्राउंड शामिल हैं। इसी प्रकार इंद्री के तहसील कांप्लेक्स के पीछे ग्राउंड में, घरौंडा में पुलिस स्टेशन के सामने पड़ी खाली जमीन में, नीलोखेड़ी में प्रेस कॉलोनी ग्राउंड में, निसिंग में तहसील कांप्लेक्स ग्राउंड में व तरावड़ी के हुडा सेक्टर-1 के ग्राउंड में उपरोक्त तरह के विस्फोटक की बिक्री करने के लिए लाइसेंस दिए जाएंगे। सभी लाइसेंस उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी किए जाएंगे।
आदेशों में कहा गया कि प्रत्येक आतिशबाजी विक्रेता को अपने स्टाल पर कम से कम चार बाल्टी पानी से भरी रखनी होगी और एक बैग रेत से भरा रखना होगा ताकि आग लगने की सूरत में इनका प्रयोग किया जा सके। इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति रात्रि 10 बजे से लेकर प्रात: 6 बजे तक आतिशबाजी व विस्फोटक पटाखों की बिक्री नहीं कर सकेंगे। प्रत्येक दो बूथ या स्टाल के बीच कम से कम 15 मीटर का फासला होना चाहिए और आगे का फ्रंट भी कम से कम 15 मीटर खुला होना चाहिए।
आदेशों में कहा गया है कि अस्थायी लाइसेंस होल्डर एक समय में केवल 25 किलो विस्फोटक पटाखा बिक्री का सामान रख सकता है। कोई व्यक्ति केवल आधा किलो विस्फोटक सामग्री लाइसेंस धारक व्यक्ति से खरीद सकता है। डीसी ने निर्देश दिए कि वे रिहायशी, व्यावसायिक व भीड़ वाले क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री नहीं चलाएं।
प्रशासन की रेड से दुकानदारों में हड़कंप
इंद्री में एसडीएम हेमा शर्मा के निर्देश पर त्योहारों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग व उपमंडल प्रशासन की ओर से संयुक्त तत्वावधान में मिठाइयों की दुकानों की चेकिंग की गई। प्रशासन की रेड से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। इसी कड़ी में वीरवार को तहसीलदार किशोरी लाल व स्वास्थ्य विभाग के डॉ. गुरप्रीत सिंह ने 12 दुकानों का औचक निरीक्षण किया।
तहसीलदार किशोरी लाल के अनुसार कस्बे की एक दर्जन मिठाइयों की दुकानों का निरीक्षण किया गया और दुकानदारों को हिदायत दी गई कि वे मिठाइयाें में अधिक रंग का प्रयोग न करें क्योंकि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। दोषी पाए जाने पर मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मिठाई की दुकानों में साफ-सफाई पर भी दुकानदार ध्यान दें, खुले में मिठाई नहीं बचे और मिठाइयों को ढ़ककर रखें ताकि मक्खी-मच्छर न बैठ सकें।
उन्होंने दुकानदारों को निर्देश दिए कि दुकानों के बाहर भी सफाई रखेें व नालियों में पानी न खड़ा होने दें। कुछ दुकानदार थोड़े से लालच के चक्कर में मिलावट करके लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास करते हैं, उन पर कड़ा अंकुश लगाने के लिए विभाग के अधिकारी व उपमंडल प्रशासन के उच्च अधिकारी निगरानी रखे हुए हैं।
मिलावटखोरों पर कार्रवाई के आदेश
दीपावली पर अनाधिकृत रूप से आतिशबाजी बेचने और मिलावटी मिठाइयां बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासनिक अधिकारियों को उपायुक्त ने कडे़ निर्देश देते हुए कहा कि अवैध तौर पर पटाखे बेचने और मिलावटी मिठाई बेचने वाले किसी भी दुकानदार को नहीं बख्शा जाएगा।
किसी के जीवन से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन तुरंत कार्रवाई करेगा। वीरवार को उपायुक्त विकास यादव ने स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों की बैठक में उन्हें निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहार की गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ जिला प्रशासन सुरक्षा को भी सुनिश्चित बनाए रखेगा। बैठक में पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद, एडीसी गिरीश अरोड़ा, जिला के सभी उपमंडलाधीश, नगराधीश जगतार सिंह, तहसीलदार हरीओम अत्री तथा नगर निगम व नगरपालिका के सचिवों ने भाग लिया।
उपायुक्त ने कहा कि दीपावली पर बड़ी संख्या में लोग विशेषकर बच्चे आतिशबाजी का प्रयोग करते हैं और मिठाइयों की खूब बिक्री होती है। आतिशबाजी के प्रयोग से आगजनी जैसी घटना नहीं हो और मिलावटी मावे से बनाई गई और मानव उपयोग के लिए हानिकारक मिठाइयों की भी चेकिंग की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि आतिशबाजी की बिक्री निर्धारित स्थानों पर ही की जाएगी। आतिशबाजी के स्टालों के नजदीक रेत, पानी के टैंकर और पुलिस की पीसीआर तैनात रहेगी।
इसके अतिरिक्त शहर के भीड़भाड़ वाले स्थलों पर आतिशबाजी के प्रयोग के दौरान आगजनी जैसी कोई घटना न हो, इसके लिए उपायुक्त ने सभी दुकानदारों व जनता से अपील की है कि वे तंग गलियों व घनी आबादी के बीच आतिशबाजी का प्रयोग सावधानीपूर्वक करें।
उन्होंने कहा कि जो दुकानदार निर्धारित स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर आतिशबाजी बेचता पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वे मिठाइयों के सैंपल वीरवार से ही लेने शुरू कर दें और मिलावटी पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में एंबुलेंस तैनात रहनी चाहिए और ऐसी दवाइयां, जो जलने से उत्पन्न घाव पर लगाई जाती हैं, उनका भी स्टॉक सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सभी एचसीएस अधिकारी व डीएसपी 1 से 3 नवंबर तक शहर के बाजारों में गश्त व निगरानी रखेंगे। उपायुक्त ने आम जनता से अपील की कि यदि वे अनाधिकृत रूप से किसी व्यक्ति को आतिशबाजी बेचते हुए देखें तो उसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या जिला सुरक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 97299-90750 पर दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने जब्त किए घरेलू सिलेंडर
तरावड़ी में खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने दिवाली पर्व पर सुरक्षा के मद्देनजर वीरवार को बाजार में चेकिंग अभियान चलाकर दुकानों में लगे घरेलू सिलेंडर जब्त किए। खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्रवाई जैसे ही शुरू हुई तो पूरे बाजार में अफरातफरा मच गई और दुकानदार सिलेंडरों को छुपाते नजर आए।
दुकानदार पैसे बचाने के चक्कर में कई बार घरेलू सिलेंडरों का उपयोग दुकानों पर करते हैं, जबकि सरकार ने दुकानों पर उपयोग के लिए कामर्शियल सिलेंडर निर्धारित कर रखे हैं लेकिन दुकानदार इन नियमों की उल्लंघना करते हैं। इससे सिलेंडरों की कालाबाजारी को भी बढ़ावा मिलता है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर निर्दोष ढांगी ने बताया कि इस तरह का अभियान भविष्य में जारी रहेगा। उन्होंने दुकानदारों को चेताया कि भविष्य में कामर्शियल गैस सिलेंडरों का ही उपयोग करें। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।