किसानों ने जमीन की नीलामी का किया विरोध
भाकियू सदस्यों के विरोध के कारण जलाला में कब्जा प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाई प्रशासनिक टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। जलाला गांव में कर्जदार किसान की जमीन की नीलामी करके कब्जा दिलाने की कार्रवाई की सूचना पर कुछ भाकियू सदस्य मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने सवा दो एकड़ जमीन की 17 लाख में नीलामी कर दी। शनिवार को बैंक को कब्जा दिलवाने के लिए पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए थे लेकिन किसानों के विरोध के चलते कब्जे की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि समय पर ऋण चुकता नहीं होने पर किसान की जमीन नीलाम नहीं होने देंगे। यदि कोई बैंक ऐसा करेगा तो भाकियू आंदोलन के लिए मजबूर होगी। भाकियू के सिसौली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय में भी जमीन नीलामी का मामला प्रमुखता से उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जलाला में किसान ऋषिपाल की जमीन नीलाम करके कब्जा दिलाने की प्रक्रिया की सूचना मिली थी। ऋषिपाल ने कई वर्ष पूर्व इलाहाबाद बैंक से डेयरी फार्मिंग के लिए 11 लाख रुपये का ऋण लिया था। 70 हजार प्रति किस्त के हिसाब से चार किस्तें भी भरी थी। बीमारी से कई पशु मरने के कारण किसान को घाटा हो गया और किस्तें टूट गई। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान निकलवाने का प्रयास किया जाएगा। सोमवार को कई किसान संगठनों के सदस्य करनाल के सेक्टर 12 स्थित जाट भवन में एकत्रित होंगे। उसके बाद उपायुक्त से मुलाकात करेंगे। सरकार से कर्ज माफी की मांग की जाएगी। भविष्य में भी किसान को ब्याजमुक्त कर्ज मिलना चाहिए। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष यशपाल राणा मौजूद थे।