फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्णनगरी में जुटे किसान, आज करेंगे आंदोलन का एलान

विज्ञापन
72: लघु सचिवालय पर शुरू हुए किसान धरने में बैठे किसानो ने निकाला कैड़ल मार्च। अमर उजाला
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। मांगों को लेकर सोमवार को सात जिलों के किसान पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के बैनर तले सीएम सिटी करनाल में एकत्रित हुए। यहां सेक्टर-12 में लघु सचिवालय के समक्ष दिन भर धरना देने के बाद शाम को डॉ. आंबेडकर चौक तक मशाल मार्च निकाला। साथ ही डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। किसानों ने एलान किया कि मंगलवार दोपहर धरनास्थल पर अहम बैठक होगी, जिसमें आगामी प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इसके तहत वे मंगलवार को सीएम आवास के समक्ष भी प्रदर्शन करेंगे।
भिवानी, जींद, हिसार, रोहतक, फतेहाबाद, सिरसा व करनाल जिले के किसान सोमवार को बड़ी संख्या में लघु सचिवालय के समक्ष एकत्रित हुए। उनकी मांगों में कपास की खराब हुई फसल का मुआवजा, एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी और फसल खरीद पर लगी शर्तें हटाना, ट्यूबवेल कनेक्शन बिना शर्त देना, सभी खराब फसलों का मुआवजा देना, कटी हुई बुढ़ापा पेंशन बहाल करना, लावारिस पशुओं का समाधान, मास्क का चालान बंद करना, किसानों को खेती के लिए डीजल बिना टैक्स देना, किसानों व मजदूरों को कर्ज मुक्त करना, टोल टैक्स प्लाजा हटाना, खाद का प्रबंधन करना, कार्यालयों से भ्रष्टाचार बंद करना और फसल पंजीकरण की शर्तें हटाना शामिल है। दिन भर लघु सचिवालय के समक्ष किसानों का जमावड़ा और धरना-प्रदर्शन के चलते पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान किसानों ने दोपहर तीन बजे सेक्टर-12 से मॉडल टाउन सड़क पर करीब दस मिनट यातायात रोक दिया, लेकिन पुलिस के समझाने पर रास्ता खोल दिया। धरनास्थल पर ही उन्होंने लंगर चखा। देर शाम तक दूसरे जिलों से किसानों के ट्रैक्टर-ट्रालियों का करनाल में पहुंचना जारी था। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे सीएम आवास के समक्ष प्रदर्शन करने जाएंगे।
विज्ञापन

वर्ष 2019 का फसलों का मुआवजा आज तक नहीं मिला। नहरी सिंचित क्षेत्रों में हर सप्ताह पानी दिया जाए। करनाल से किसान आंदोलन का आगाज कर दिया है। पूरे राज्य में कैसे आंदोलन चलेगा इसका खुलासा मंगलवार को करेंगे।
--मनदीप (फतेहाबाद), प्रधान, पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति।
हिसार, फतेहाबाद व भिवानी जिलों में किसानों व मजदूरों के सामने पेट का सवाल खड़ा हो गया है। लगातार तीसरी फसल पर कुदरत और बीमारी की मार पड़ी है। दूसरी ओर प्रदेश में करीब 80 हजार ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन की मांग है।
--संदीप सिवाच (हिसार), प्रदेश महासचिव, पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति।
गेहूं की बिजाई के समय डीएपी खाद नहीं मिला। अब यूरिया खाद समय पर नहीं मिला। गुलाबी सुंडी के प्रकोप से प्रभावित कपास की फसल का आकलन कर 25 प्रतिशत से कम नुकसान दिखा दिया। धरातल पर 75 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

--राजेश (भिवानी), सदस्य, संघर्ष समिति।
जुलाना-जींद क्षेत्र से नरवाना और रोहतक तक हजारों एकड़ में पानी खड़ुा होने से कपास की हारवेस्टिंग नहीं हुई और न ही गेहूं की बिजाई कर सके। दड़ौदा क्षेत्र में सेम की समस्या बनी है। फसल बीमा के तहत एकड़ को इकाई मानकर मुआवजा दिया जाए।
-- चांद बहादुर, जिला सचिव, अखिल भारतीय किसान सभा, जिला जींद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें