फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दस साल पुराने डीजल वाहनों पर पाबंदी के आदेश पर भड़के किसान

विज्ञापन
लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन के सदस्य। संवाद
विज्ञापन
करनाल। सरकारी आदेश के मुताबिक एक अप्रैल के बाद 10 साल पुराने ट्रैक्टरों सहित अन्य डीजल चालित वाहनों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इस आदेश के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं व किसानों ने शनिवार को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त के मौजूद नहीं होने पर एसडीएम गौरव कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

भाकियू जिलाध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह घुम्मन की अगुवाई में कई भाकियू कार्यकर्ता और किसान शनिवार को लघु सचिवालय पहुंचे। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसान मजदूर प्रभावित होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसानों द्वारा खेती में प्रयोग किए जाने वाले सभी कृषि यंत्रों को इस श्रेणी से बाहर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने डीजल यंत्रों की पाबंदी की आड़ में किसानों को परेशान किया गया तो प्रदेशभर में जोरदार किसान आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर, प्रदेश महासचिव भूपेंद्र सिंह लाड़ी, प्रदेश संगठन सचिव शाम सिंह मान, प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान आदि किसान नेताओं ने कहा कि एक अप्रैल से 10 साल पुराने डीजल और पेट्रोल से चलने 15 साल पुराने वाहनों को जब्त या कंडम कर दिए जाने के मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं। इससे किसान समुदाय में रोष है। अस्सी वर्षीय किसान प्रेमचंद शाहपुर ने कहा कि आज तक उन्होंने अपने जीवन में ऐसी किसान मजदूर विरोधी सरकार नही देखी जो किसानों को बर्बाद करने पर तुली है। इस मौके पर रामफल नरवाल, प्रदेश कोर कमेटी चेयरमैन यशपाल राणा, जिला संरक्षक महताब कादियान, युवा जिलाध्यक्ष नरेंद्र धूमसी, इंद्री खंड प्रधान दिलावर डबकोली, घरोंडा खंड प्रधान धनेत्तर राणा, सलाहकार डा. सत्यवीर तोमर, महताब विर्क बालू, सतबीर मढ़ान, निशान सिंह बालू, राजबीर मान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें