करनाल। हम किसाना की छौरियां सै.. उनके जिसा ही म्हारा आंदोलन चालैगा। करनाल के साथिया नै तीन जून की रोट का पूरा जुगाड़ बांध राख्या सै..। कुछ इस तरह से हरियाणवीं अंदाज में रोहतक, जींद, सोनीपत सहित अन्य जिलों की आंगनबाड़ी वर्कर्स ने अपनी बात कही। बोेलीं, म्हारे तै घर वालों ने निकाल दिया, इब तो मांगा नै मनवा के घर का मुंह करांगे।
फव्वारा पार्क में पड़ाव के दौरान दिन के समय आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने अपने घर से लाई हुई रोटी खाई। वहीं शाम के समय निर्मल कुटिया और डेरा कार सेवा की ओर से लंगर की व्यवस्था की गई। खाना पकाने के लिए कई महिलाएं पराली और उपले व पानी भरने के लिए मटके भी साथ लाईं। लेकिन यहां खाने की पूरी व्यवस्था है। सेक्टर-12 में पड़ाव के दौरान पूरे दिन में आठ टैंकर पानी की खपत हुई। इसके अलावा विभिन्न जिलों से सैकड़ों की संख्या में आईं बसें और कारें सेक्टर-12 के मैदान और खाली प्लाट में खड़ी हुईं।
सरकार अगर बातचीत करे तो ठीक है, नहीं तो हम अपनी पूरी तैयारी के साथ आए हैं, मांगें मनवाकर ही जाएंगे। 15 बसों में आए हैं।
- बबीता, स्टेट कनवीनर
केवल हेल्पर और वर्कर्स ही सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। जबकि सुपरवाइजर, पीओ और सीडीपीओ सरकारी नौकरी पर हैं।
- मौसमी, रोहतक
महिलाएं दो दिन की रोटी तो बनाकर भी साथ लाई हैं। रात को ठहरने और खाने की करनाल में हमने भी पूरी व्यवस्था की है।
- बिजनेश राणा, सचिव करनाल
हिसार की सभी वर्कर्स आ गई हैं। सरकार कुछ वर्कर्स को बर्खास्त करके हमें डराना चाहती है लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।
- नीलम, उपाध्यक्ष, आग्रोहा
पांच बसों का काफिला सुबह आठ बजे चला था। दोपहर एक बजे तक हम फव्वारा पार्क पहुंच गए थे। आंदोलन को और तेज करेंगे।
- तारा देवी, प्रधान, रेवाड़ी
सोनीपत के सात खंड और 56 सर्कल की महिलाएं रहने और खाने का पूरा इंतजाम करके आई हैं। मांगें मनवाकर ही वापस लौटेंगे।
- गीता, सोनीपत
हमारा आंदोलन किसानों की तरह ही चलेगा। घर से निकले हैं लेकिन खाली हाथ वापस नहीं लौटेंगे। कपड़े और बिस्तर साथ लाए हैं।
- निर्मला, प्रधान भिवानी
आंदोलन को लेकर महिलाओं में उत्साह है। 70 दिन से हम केवल हड़ताल पर थे लेकिन अब सड़क पर रहेंगे। सरकार को हमारी बात सुननी पड़ेगी।
- रूपा राणा, प्रधान करनाल
महापड़ाव अनिश्चितकालीन होगा। 2018 में प्रधानमंत्री ने वेतन बढ़ाते हुए जगमग दिवाली की घोषणा की थी लेकिन अभी तक सभी दिवाली बिना वेतन के फीकी ही हैं।
-देवेंद्री शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन
19 सूत्रीय मांगपत्र दे रखा है। समय रहते मांगें माने सरकार, नहीं तो आंदोलन को नया रूप देने की तैयारी है। सभी प्रदेशों से हमें समर्थन मिल रहा है।
-कृष्णा देवी, प्रदेशाध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन
महिलाएं आंदोलन कर रही हैं। इन्हें हमारा पूरा समर्थन है। सरकार को मांगें माननी ही पड़ेंगी। बिना निर्णय की बातचीत से काम नहीं चलेगा। सीएम मामले में हस्तक्षेप करके समाधान कराएं।
- तपन सेन, राष्ट्रीय महासचिव, सीटू
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लागू न करने की सजा सरकार को मिलनी चाहिए लेकिन 100 से ज्यादा वर्कर्स को बर्खास्त कर दिया। सरकार के संवेदनहीन रवैये की हम निंदा करते हैं। मंगलवार को सभी सरकारी कर्मचारी आंगनबाड़ी वर्कर्स के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।
- सुभाष लांबा, प्रदेशाध्यक्ष, सर्व कर्मचारी संघ
62: कमेटी चौक पर धरने पर बैठी आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की महिलाएं। अमर उजाला