संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गगसीना गांव निवासी किसान नेता समे सिंह संधू (75) का शव मंगलवार सुबह पश्चिमी यमुना नहर में मूनक हेड के पास से बरामद हुआ। वह रविवार सुबह से लापता थे। परिजन पिछले तीन दिनों से उनकी तलाश में जुटे हुए थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया था। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में डूबने से मौत की बात सामने आई है।
मंगलवार को नहर के पास से गुजर रहे लोगों ने पानी में शव देखा, जिसके बाद गोताखोरों को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया। शव की पहचान समे सिंह संधू के रूप में हुई।
गगसीना गांव निवासी सलोचना के अनुसार, उनके पति समे सिंह संधू शनिवार सुबह करीब सवा नौ बजे घर से टहलने के लिए निकले थे। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की गई और रिश्तेदारों से भी संपर्क किया गया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। वह पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।
पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई थी और खोजबीन जारी थी। मंगलवार को उनका शव मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। गमगीन माहाैल में उनके गांव गगसीना में संस्कार किया गया। अंदेशा जताया जा रहा है कि घूमने के दाैरान पैर फिसलने से वह नहर में गिर गए होंगे। पानी में डूबने से ही उनकी माैत हुई है।
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किसान आंदोलन में निभाई सक्रिय भूमिका
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान संयुक्त मोर्चा के आंदोलन में किसान नेता समे सिंह संधू ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। क्षेत्र में एक पहचान रखते थे। अपनी मिलनसार और खुशमिजाज प्रकृति के कारण वह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे। आंदोलन के दौरान भी वह अपने सहज अंदाज में प्रशासन के सामने अपनी बात रखते थे और माहौल को हल्का बनाए रखते थे।