मधुबन (करनाल)। सिंघू बॉर्डर में किसान आंदोलन से अमृतसर लौटते समय बसताड़ा टोल पर लंगर चख रहे 70 वर्षीय किसान की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। बसताड़ा टोल पर बैठे किसानों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। शव को करनाल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है।
पंजाब के गांव बाबा बकाला साहिब (अमृतसर) निवासी किसान सुधागर सिंह सिंघू बॉर्डर पर दस दिन की ड्यूटी देने के बाद साथियों के साथ बस में सवार होकर वीरवार को अपने गांव जा रहा था। बसताड़ा टोल पर चल रहे लंगर चखने के लिए बस टोल पर रुकी तो सुधागर सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई। उसे उपचार के लिए सीएचसी घरौंडा लेकर पहुंचे। हालत ज्यादा नाजुक होने पर करनाल रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य जगदीप औलख ने उनके शव को करनाल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा परिजनों को सूचना दे दी है।