ऑल इंडिया ज्वाइंट प्लेट फार्म ऑफ एक्शन के बैनर तले हरियाणा संयुक्त
कर्मचारी मंच ने मांगों को लेकर शनिवार को करनाल से संघर्ष की हुंकार भरी।
कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदेशभर से पहुंची
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मंच के पदाधिकारी कर्ण पार्क में मीटिंग करके सीएम
कैंप ऑफिस का घेराव करने के लिए प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़े और पुलिस ने
अंबेडकर चौक के समीप ही प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। भारी संख्या में
तैनात पुलिस बल ने कर्मचारियों को बैरिकेड्स से आगे नहीं लांघने दिया और
एसडीएम राजीव मेहता ने मौके पर आकर ज्ञापन ले लिया।
कार्यकर्ताओं ने
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेताया है कि अगर उनकी
मांगें पूरी नहीं की गई तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे। कर्ण पार्क में
चली बैठक में मंच के प्रदेशाध्यक्ष आरके नागर की अध्यक्षता में रणनीति बनाई
गई। इसके बाद उन्होंने सीएम कैंप आफिस को घेराव करने का निर्णय लिया।
सुरक्षा के मद्देनजर तैनात किए गए पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक
लिया। यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सीएम कैंप
ऑफिस का घेराव करने के लिए पहुंचे प्रदर्शनकारियों की अगुवाई पानीपत से
यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष बिमला नैन, रोहतक से प्रदेश महासचिव पुष्पा दलाल,
करनाल से पुष्पा मौण, कैथल से कोषाध्यक्ष संतोष, रोहतक से उप प्रधान रोशनी
चौधरी, रेवाड़ी से राजेश्वरी यादव, हिसार से दर्शना, गुड़गांव से मैनवती,
झज्जर से प्रकाशवती ने की।
हरियाणा संयुक्त कर्मचारी मंच के प्रदेशाध्यक्ष
रामकिशन नागर, महासचिव सूबे सिंह यादव और श्रमिक संगठन के प्रदेश सचिव
हरिप्रकाश ने कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से बताया। हरियाणा
संयुक्त कर्मचारी मंच व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन हरियाणा ने
करीब एक घंटे तक माल रोड पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठनों के
पदाधिकारियों ने भाषण दिया।
यूनियन की नेत्री बिमला, पुष्पा दलाल ने कहा कि
आंगनबाड़ी स्कीम के सालाना बजट में मोदी सरकार ने 56 प्रतिशत कटौती कर दी
गई है। पिछले साल के 18108 करोड़ की बजाय इस साल मात्र 8245 करोड़ रुपये
आवंटित किया है। इससे यह योजना खतरे में पड़ गई है।
सरकार की मंशा
आंगनबाड़ी योजना को प्राइवेट कंपनियों और गैर सरकारी संगठनों के हाथों में
देने की है। यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों
की अपेक्षा की गई तो देश भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका दिल्ली में
एकत्रित होकर संसद तक रैली निकालेंगी। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया
जाता वे वहां से किसी भी सूरत में नहीं उठेंगे।