माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। उपभोक्ता से बदसलूकी और नाजायज तरीके से तंग करते हुए जुर्माना लगाने के आरोप में बिजली निगम के जेई को सस्पेंड कर दिया है। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने यह कार्रवाई की है। शिक्षा मंत्री ने यह आदेश गांव औंगद के जयभगवान के मामले की सुनवाई के दौरान दिए।
एजेंडे में शामिल चौथी शिकायत की सुनवाई में सामने आया कि यूएचबीवीएन कार्यालय निसिंग में कार्यरत जेई सुखविन्द्र सिंह ने औंगद गांव निवासी जय भगवान के पुत्र विनोद से बिजली कनेक्शन मुहैया करवाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की थी। परिवादी के रुपये न देने पर उसे धमकाया गया, यही नहीं उसके बिजली खाता में 48278 रुपये की जुर्माना राशि भी दर्शा दी। जैसे ही इस मामले पर सुनवाई हुई बैठक में मौजूद सभी गैर सरकारी सदस्यों ने एक सुर में जेई को भ्रष्ट बताकर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की आवाज उठाई तो शिक्षा मंत्री ने जेई को सस्पेंड करने के आदेश दिए। बुधवार को करनाल के पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की थी। बैठक में 13 शिकायतों को एजेंडे में शामिल किया गया। इनमें से नौ पर सुनवाई हुई। चार शिकायतकर्ता बैठक में उपस्थित नहीं हुए।
यह है मामला
शिकायतकर्ता जयभगवान का घर में बिजली कनेक्शन लगा है। उनका बेटा विनोद कई माह पहले अपना अलग बिजली कनेक्शन लगवाने के लिए बिजली निगम निसिंग कार्यालय में गया तो वहां जेई सुखविंद्र ने कनेक्शन देने के लिए पांच हजार रुपये मांगे। जब उन्होंने मजबूरी जाहिर की तो जेई ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकी दी। उन्होंने बताया कि 15 दिन बाद जेई उनके घर के बाहर खंभे पर लगे मीटर की जांच करके गया। 14 अक्तूबर 2021 को उनका बिजली बिल 48278 रुपये आया। 21 अक्तूबर को बिल भरने की तिथि थी। जब वे इतने ज्यादा बिल आने की जांच के लिए बिजली निगम के कार्यालय गए तो पता चला कि जेई सुखविंद्र ने रेड करके यह जुर्माना लगाया है।
विजिलेंस की जांच में सही पाया कनेक्शन
बिजली निगम के असंध एक्सईएन सतपाल ने बताया कि जेई ने घरेलू कनेक्शन को वाणिज्यिक दिखाकर कार्रवाई की है। इसकी उन्होंने विजिलेंस से भी जांच कराई। विजिलेंस की रेड के दौरान घर पर कनेक्शन का घरेलू इस्तेमाल ही मिला। ऐसे में जुर्माने की राशि के पैसे भी उपभोक्ता को रिफंड कर दिए हैं।
सदस्य बोले, अमीर लोगों से गेहूं लेता है जेई
मामला उजागर होते ही समिति के गैर सरकारी सदस्यों ने भी जेई पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने शुरू कर दिए। सदस्यों ने कहा कि जेई सबसे अभद्र भाषा में बात करता है। गरीबों के घर जाकर सुबह छापामारी करता है। अमीरों के घर जहां यदि कोई गलती भी मिलने की उम्मीद होती है, वहां नहीं जाता, क्योंकि ऐसे कई घरों से जेई गेहूं लेता है।