सीएम सिटी करनाल में बिजली शेड्यूल लड़खड़ा गया है। लंबे कटों के साथ फटाफट कट भी लगने लगे हैं। बिजली किल्लत से जहां लोग परेशान हैं, वहीं सांसद, डीसी सहित अन्य अधिकारियों को भी बिजली किल्लत का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को विकास सदन में हुई जिला सतर्कता एवं निगरानी कमेटी की बैठक के दौरान बिजली कट लग गया। इससे सांसद अश्विनी चोपड़ा सहित अधिकारियों के पसीने छूटे। इस दौरान करीब आधा घंटा तक अंधेरे में और बिना पंखे चले ही बैठक जारी रही। इस मामले में डीसी ने एसई बिजली से जवाब तलब किया। जैसे जैसे कट लगते रहे, अधिकारियों के पसीने छूटते नजर आए।
जिलेभर में तेज गर्मी के साथ जबरदस्त बिजली किल्लत चल रही है। शहर में गुरुवार रात 11 बजे बिजली गुल हुई और शुक्रवार सुबह आठ बजे बिजली सप्लाई हो पाई। इसके बाद दिनभर बिजली के कट लगते रहे। बिजली निगम के अधिकारियों का जवाब है कि पहले 33 केवीए लाइन स्थित कंबोपुरा गांव के नजदीक फाल्ट से लगभग शहर की बिजली रातभर गायब रही। शुक्रवार दिन में 132 केवीए पर फाल्ट आने पर चालीस मिनट तक बिजली गुल रही। बिजली किल्लत के कारण पानी किल्लत भी गहरा गई है।
इनवर्टर खराब, अंधेरे में हुई मीटिंग
शुक्रवार को पंचायत विभाग के विकास सदन में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी कमेटी की मीटिंग में लगातार चालीस मिनट बिजली गुल रही। सांसद अश्विनी चोपड़ा, सीपीएस बख्शीश सिंह विर्क, डीसी मंदीप सिंह बराड़ सहित तमाम अधिकारियों के साथ अंधेरे में मीटिंग चलती रही और बिजली निगम के एसई जेके कांबोज के पसीने छूटे रहे। वह घबराए रहे कि कहीं सांसद, डीसी कोई कड़ा एक्शन न ले लें। वह बार-बार फोन करके पंचायत विभाग के विकास सदन की तरफ लगे फीडर को चालू करने के निर्देश देते रहे, लेकिन 40 मिनट के बाद बिजली सप्लाई हुई। इनवर्टर भी जवाब दे गया और अंधेरे में ही बैठक जारी रही।
इस एरिया से रातभर गायब रही बिजली
33 केवीए के कंबोपुरा गांव के नजदीक फाल्ट आने के कारण रातभर मेरठ रोड, सेक्टर-7 आधा पार्ट, जुंडला गेट, मीरा घाटी, सेक्टर-16, 4 व 5 सहित इसी क्षेत्र की बिजली गुल रही। शुक्रवार दिन में 132 केवीए में फाल्ट आने पर सेक्टर-12, माडल टाउन, दयानंद कालोनी, लघु सचिवालय, एनडीआरआई एरिया सहित लगभग पूरे शहर में चालीस मिनट तक बिजली बंद रही। शहरी एरिया में इतने बुरे हाल हैं, जबकि ग्रामीण एरिया में चार से पांच घंटे ही बिजली सप्लाई हो पाती है।
किसान भी बिजली से त्रस्त
धान सीजन जोर पकड़ रहा है और किसानों को बिजली की सख्त जरूरत है। यदि किसानों को बिजली नहीं मिली तो उनकी रोपाई धान सुख भी सकती है। किसान रामफल, विष्णु, कर्मबीर का कहना है कि बिजली नहीं मिलने के कारण वे ट्यूबवेल नहीं चला पा रहे हैं। अधिकारियों से मिलते हैं तो जवाब मिलता है कि वह आठ घंटे सप्लाई देते हैं, जबकि फील्ड में दो से तीन घंटे मुश्किल से बिजली सप्लाई होती है।
वर्जन
33 केवीए और 132 केवीए में फाल्ट आने के कारण बिजली कट लगे हैं। पूरी टीम बेहतर बिजली सप्लाई करवाने में लगी हुई है। लोगों ने बिजली किल्लत की शिकायत दर्ज करवाई हैं। पूरी टीम को निर्देश दिए हुए हैं कि वह शिकायत मिलने पर तुरंत फाल्ट ढुंढ कर समस्या का समाधान करें।
- जेके कांबोज, एसई, बिजली निगम करनाल।