- परिजनों का आरोप, मौत के बाद भी वेंटिलेटर पर रखकर बढ़ाया बिल
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। टापू गांव के पास एक सप्ताह पहले हुए हादसे में घायल बुजुर्ग की उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि मौत के बाद परिजनों को अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से इंकार कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि बुजुर्ग की पहले ही मौत हो चुकी थी, उसके बाद भी उसे वेंटिलेटर पर रखकर खर्च बढ़ाया गया।
27 अगस्त को उत्तर प्रदेश के शामली जिले के चौसाना गांव निवासी 50 वर्षीय मुकेश अपने भतीजे आसू के साथ बाइक से करनाल आ रहा था। जैसे ही दोनों टापू गांव के पास पहुंचे एक कार ने टक्कर मार दी। जिससे बुजुर्ग लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा और भतीजा भी चोटिल हो गया। बुजुर्ग को करनाल के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया मगर शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रोष जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि उनके मरीज की पहले ही मौत हो चुकी थी मगर डॉक्टरों ने गुमराह कर शव को वेंटिलेटर पर रखा और अधिक बिल बनाया। सूचना पर पहुंची कुंजपुरा थाना पुलिस ने मामले को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।