पांच लाख की रिश्वत लेते डीटीपी रंगे हाथों गिरफ्तार
- सेक्टर-6 स्थित आवास पर स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने की कार्रवाई, घर से 78.64 लाख रुपये बरामद
- चालक भी पांच हजार रुपये लेते पकड़ा गया, दोनों के खिलाफ केस दर्ज
- कॉलोनी काटने की अनुमति देने की एवज में कॉलोनाइजर से मांगे थे रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार सुबह डीटीपी विक्रम को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि शिकायतकर्ता से दस लाख की रिश्वत मांगी गई थी। टीम ने डीटीपी को उसके सेक्टर-6 स्थित आवास पर रुपये लेते पकड़ा। डीटीपी का ड्राइवर बलबीर भी पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ काबू किया गया। टीम दोनों आरोपियों को सेक्टर-7 स्थित अपने कार्यालय में ले गई, जहां देर शाम तक उनसे पूछताछ जारी रही। विजिलेंस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों को अदालत में पेश कर उनका रिमांड लेने का प्रयास किया जाएगा,
ताकि इस मामले डीटीपी से गहन पूछताछ की जा सके। डीटीपी के घर से 78.64 लाख रुपये भी बरामद हुए हैं।
विजिलेंस ब्यूरो के एसपी राजेश फौगाट के निर्देश पर टीम ने कार्रवाई की। विजिलेंस टीम में शामिल निरीक्षक सचिन ने बताया कि एक कॉलोनाइजर ने विजिलेंस को कॉलोनी काटने की अनुमति देने की एवज में डीटीपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कॉलोनी काटने से पहले डीटीपी से अनुमति लेनी जरूरी होता है। इसी अनुमति की एवज में रुपये मांगे गए थे। लेकिन रुपये देने में शिकायतकर्ता ने असमर्थता जताई थी। शिकायतकर्ता की तहरीर पर तुरंत संज्ञान लेते हुए विजिलेंस की टीम ने आरोपी डीटीपी विक्रम और उसके ड्राइवर बलबीर को सुनियोजित ढंग से रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि मामले में जांच चल रही है। आरोप है कि पानीपत निवासी शिकायतकर्ता परमजीत से दस लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। डीटीपी विक्रम करीब चार साल से करनाल में तैनात है। छापामारी के दौरान विजिलेंस की टीम ने उसके घर से आभूषण सहित कृषि भूमि, एक फ्लैट और 12 प्लॉट से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। शेयरों, म्यूचुअल फंड और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का विवरण देने वाले दस्तावेज भी मिले।
कार्रवाई पर बांटी बर्फी, मनाई खुशी
दूसरी ओर, इस घटना के बाद बुढाखेड़ा निवासी सतनारायण पांचाल दोपहर को सेक्टर-7 स्थित विजिलेंस के कार्यालय के बाहर पहुंचे। यहां उन्होंने डीटीपी के खिलाफ हुई कार्रवाई पर बर्फी बांटकर खुशी मनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि वह बुढाखेड़ा में प्लॉट पर मकान बना रहे थे, इस दौरान दो बार डीटीपी ने उनका निर्माण गिराया। आरोप है कि इससे पहले उनसे भी रिश्वत की मांग की गई थी। वेल्डिंग का काम करने वाले सतनारायण ने बताया कि उन्होेंने बैंक से 15 लाख रुपये का लोन लेकर मकान बनाना शुरू किया था, जिसे डीटीपी ने बनने नहीं दिया। इसलिए आज कार्रवाई पर उन्होंने मिठाई बांटकर खुशी जताई है।