करनाल। नशा तस्कर गिरोह की कमर तोड़ने के लिए पुलिस तंत्र भी मजबूत हो रहा है। अब पुलिस गिरफ्त में आने वाले प्रत्येक नशा तस्कर का रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफार्म पर रखा जा रहा है। इसके लिए हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) ने ‘हॉक’ सॉफ्टवेयर तैयार किया है।
जिस पर न केवल आरोपी का तस्करी संबंधित विवरण बल्कि उसकी व्यक्तिगत, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधित जानकारी भी दर्ज होगी। इससे भविष्य में न केवल पुलिस को आरोपी की खोजबीन करने में आसानी होगी बल्कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। सॉफ्टवेयर पर आरोपी का मोबाइल, वाहन या आईडी नंबर डालते ही एक क्लिक पर उसका पूरा ब्योरा पुलिस के सामने होगा। इससे उनकी गतिविधियों पर भी पुलिस नजर रख सकेगी।
हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की प्रदेश में स्थापित आठ यूनिटों ने नशाखोरी के अब तक 192 मामले दर्ज किए हैं। इन पर कार्रवाई करते हुए विभिन्न प्रदेशों से 320 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद हुए हैं। ब्यूरो
कार्रवाई में सिरसा पहले और सीएम सिटी दूसरे पायदान पर
मधुबन स्थित एचएसएनसीबी के मुख्यालय के अधीन प्रदेश के आठ जिलों में स्थापित यूनिटों मेें कार्रवाई करने में सिरसा यूनिट 45 मामलों के साथ पहले और सीएम सिटी करनाल 29 मामलों के साथ दूसरे पायदान पर है। यूनिटों की ओर से आरोपियों से हेरोइन 4.035 किलोग्राम, चरस 25.211 किग्रा, गांजा 1048 किलो, अफीम 25.802 किलो, चूरापोस्त 1571 किलो, गोलियां 33519, कैप्सूल 1561 और दस किलोग्राम अफीम की पौध बरामद की गई।
पहले पकड़े 10 हजार आरोपियों का डाटा हुआ अपलोड
हॉक सॉफ्टवेयर पर पिछले सालों में पकड़े जा चुके 10 हजार आरोपियों का रिकॉर्ड दर्ज किया जा चुका है। सॉफ्टवेयर पर आरोपी का नाम, पता, उम्र, आधार कार्ड नंबर, वोट कार्ड, पासपोर्ट, पैन नंबर, मातृ भाषा, मोबाइल नंबर, बैंक खातों की जानकारी, हेल्थ जानकारी, पारिवारिक जानकारी, वाहन नंबर, पिछले दर्ज मुकदमे के अलावा नए मामले में कहां से गिरफ्तार किया, एफआईआर नंबर, तिथि, कहां आपूर्ति होगी और नशे की किस्म आदि विवरण दिया जाएगा। सॉफ्टवेयर में एंट्री के लिए हर जिले से एक कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है।
एनडीपीएस एक्ट में इस यूनिट ने इतनी की कार्रवाई
यूनिट केस दर्ज गिरफ्तारी
सिरसा 45 69
करनाल 29 57
फतेहाबाद 26 57
हिसार 21 38
रोहतक 20 22
अंबाला 22 42
रेवाड़ी/धारूहेड़ा 16 18
गुरुग्राम 13 17
कुल 192 320
वर्जन -
आठ यूनिटों की टीमें 192 मामलों में कार्रवाई करते हुए अंतिम छोर तक पहुंची। आरोपियों को विभिन्न प्रदेशों से गिरफ्तार किया गया। प्रदेश में पंजाब के समीपवर्ती जिलों और एनसीआर क्षेत्र में टीमों का खासतौर पर फोकस है। नशा तस्करों का डाटा बैंक भी बनाया जा रहा है। इसके लिए हॉक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है।
- श्रीकांत जाधव, एडीजीपी एवं प्रमुख, हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो