पांचवां - ज्योति
संकाय - कॉमर्स, 484 अंक
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर समझूंगी कंप्यूटर की बारीकी
छात्रा ज्योति ने बताया कि उसका सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना है। उसे कंप्यूटर से लगाव है। ऐसे में वह कंप्यूटर की बारीकी समझना चाहती है। जोे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने में मददगार साबित होगी। पिता रमेश शर्मा मजदूर हैं और माता मंजू रानी गृहिणी हैं।
कक्षा 10वीं
नाम - शगुन रानी
प्रथम - 494 अंक
व्यवस्था में बदलाव की करूंगी पहल
शगुन रानी कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम में जिले में प्रथम रही। कुटेल निवासी पिता राजेंद्र कुमार और मां स्नेहलता की बेटी ने आईएएस अफसर बनने का सपना देखा है। छात्रा ने रोजाना पांच घंटे पढ़ाई करके सफलता पाई। उनका कहना है कि जनता से जुड़े व्यवस्था में कई बदलाव होने जरूरी हैं। सोशल साइंस में 100, विज्ञान, गणित और हिंदी में 99 अंक हैं।
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नाम - पूजा
प्रथम - 494
सेल्फ स्टडी के बल पर पाई सफलता
पूजा भी कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम में जिले में प्रथम रही। बिजना निवासी पिता विनोद और मां मीना की बेटी ने सेल्फ स्टडी के बल पर सफलता पाई है। छात्रा का डॉक्टर बनने का सपना है। डॉक्टर बनकर मानवता की सेवा करना चाहती हैं। गणित और फिजिकल एजूकेशन में 100, हिंदी में 99 और अंग्रेजी में 98 अंक हैं।
नाम - तनु रावल
प्रथम - 494
डॉक्टर बनने का है सपना
छात्रा तनु रावल भी कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम में प्रथम रही। घरौंडा निवासी पिता रघुबीर सिंह और मां शर्मिला देवी की बेटी भी डॉक्टर बनना चाहती है। छात्रा ने रोजाना आठ घंटे पढ़ाई की। माता-पिता का सपना बेटी को डॉक्टर बनाने का है। हिंदी में 100, फिजिकल एजूकेशन में 99, विज्ञान, अंग्रेजी व गणित में 98 अंक हैं।
नाम - अन्नू देवी
द्वितीय - 493
इंजीनियर बनकर करेंगी नई तकनीक इजाद
कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम में दूसरे स्थान पर रही अन्नू देवी का सपना इंजीनियर बनने का है। वे इंजीनियर बनकर नई तकनीक इजाद करेंगी। निगदू निवासी सुल्तान सिंह और रेखा देवी की इस बेटी ने स्कूल के अलावा रात के समय में पढ़ाई करके सफलता पाई। गणित और फिजिकल एजूकेशन में 100, अंग्रेजी में 99, साइंस और हिंदी में 97 अंक हैं।
नाम - निशिका
तृतीय - 491
आईएएस अफसर बनने के लिए शुरू की तैयारी
जैनपुर साधान निवासी निशिका कक्षा दसवीं में तीसरे स्थान पर थी। पिता सुखदेव और मां प्रवीन कौर की बेटी ने दिनरात मेहनत करके पढ़ाई की। छात्रा आईएएस अफसर बनना चाहती है। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। पंजाबी में 99, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और हिंदी में 98 अंक हैं।
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नाम - वंशिका
तृतीय - 491
रोजाना एक घंटा प्रत्येक विषय को दिया
जैनपुर साधान निवासी वंशिका भी परीक्षा परिणाम में तीसरे स्थान पर रही। मामूराम और सलमा की बेटी डॉक्टर बनना चाहती है। रोजाना एक घंटा प्रत्येक विषय को दिया। उनका कहना है कि योजना बनकर पढ़ाई करने से विषय आसान लगता है। पंजाबी, विज्ञान और गणित में 100, हिंदी में 96 और अंग्रेजी में 95 अंक हैं।
नाम - जैसमीन
तृतीय - 491
विज्ञान के क्षेत्र में बहुत काम किए जाने की जरूरत
गांव जांबा निवासी जैसमीन वैज्ञानिक बनना चाहती है। उसका कहना है कि विज्ञान के क्षेत्र में बहुत काम किए जाने की जरूरत है। पिता सुशील कुमार और रीना की बेटी ने सुबह जल्दी उठकर सेल्फ स्टडी के बल पर सफलता पाई है। दूसरों को भी ऐसे ही पढ़ने का संदेश दिया। छात्रा के गणित में 100, अंग्रेजी में 99, संस्कृत और हिंदी में 98 अंक हैं।
नाम - अंकिता राणा
तृतीय - 491
मानवता की सेवा के लिए बनेगी चिकित्सक
दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में तीसरे स्थान पर रही अंकिता राणा भी डॉक्टर बनना चाहती है। कुटेल निवासी अशोक कुमार और मोनिका की बेटी का कहना है कि डॉक्टर पेशे में कई बदलाव जरूरी है। मानवता की सेवा के नाते वे इस पेशे में आएंगी। रोजाना आठ घंटे पढ़ाई की। अंग्रेजी और हिंदी में 99, संस्कृत और सोशल साइंस में 98 अंक हैं।