शहर की घीड़ अनाज मंडी में मंडी प्रशासन और आढ़तियों के बीच करोड़ों रुपये के मुनाफे के खेल का खुलासा हो गया है। यहां बड़ी संख्या में बिना ऑनलाइन गेट पास के बाहरी किसानों की खरीद होने के साथ-साथ मंडी प्रशासन ने 28 ऐसे फर्जी आढ़तियों को लाइसेंस दिया था, जो यहां की मंडी में हैं ही नहीं। लेकिन उनके नाम पर हर साल फसल की खरीद-फरोख्त हो रही है। उपायुक्त ने गलत ढंग से धान की खरीदारी में सांठगांठ उजागर होने के बाद मंडी सुपरवाइजर धीरज कुमार, नीलामी रिकॉर्डर धर्मवीर सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक व अंशुल आदि मंडी कर्मियों के साथ-साथ 28 फर्जी मंडी आढ़तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इन सभी 28 आढ़तियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। इसके अलावा घीड़ मंडी क्षेत्र के अन्य आढ़तियों का सत्यापन कराया तो 18 आढ़तियों का स्टॉक काफी कम पाया गया। यानी उनके नाम खरीद तो दर्शाई है, लेकिन उनके पास उसके सापेक्ष धान नहीं है। डीएफएससी व हैफेड के जिला प्रबंधक ने इन सभी आढ़तियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। जवाब संतोषजनक न होने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायत मिलने के बाद हुई में खुलासा
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि घीड़ अनाज मंडी में हरियाणा सरकार के आदेशों के विरुद्ध सीमांत राज्यों का धान खरीदने की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच करवाई गई। जिसमें पाया गया कि कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक, अंशुल और उप मंडी सुपरवाइजर धीरज कुमार व नीलामी रिकॉर्डर धर्मवीर की मिलीभगत से गलत तरीके से फर्जी गेट पास काटे गए हैं। जिन पर बाहरी किसानों का धान खरीदा गया है।
28 आढ़तियों के लाइसेंस रद्द
एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि उप मंडी में 28 आढ़तियों के नाम रिकॉर्ड में तो शामिल हैं, लेकिन मौके पर कोई नहीं मिला है। ऐसे 28 आढ़ती पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ व उपरोक्त सभी मंडी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। इन सभी 28 आढ़तियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। इधर, जिन मंडी कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, उनके खिलाफ मार्केटिंग बोर्ड से भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
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नौ राइस मिलों में भी मिली अनियमितता, कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि घीड़ उप अनाज मंडी से जुड़ी 9 अन्य राइस मिलों की जांच डीएफएससी व डीएम हैफेड द्वारा की गई। जिसमें धान खरीद प्रक्रिया में भारी उल्लंघन पाया गया है। इन राइस मिलों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम इंद्री को निर्देश दिए कि वे निजी तौर पर घीड़ मंडी की समय-समय पर चेकिंग करते रहें। इसके अलावा ग्राम सचिव व कुंजपुरा मंडी के सचिव को निर्देश दिए कि वे मंडी में 24 घंटे तैनात रहेंगे और इस प्रकार की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेंगे।
कुरुक्षेत्र की टीम ने भी किया मिल का सत्यापन
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारी भी घीड़ अनाज मंडी और उससे जुड़े राइस मिलों का स्टॉक सत्यापन करने में लगे थे। लेकिन जांच पूरी तरह गोपनीय है। मुख्य प्रशासक के आदेश पर कुरुक्षेत्र के जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी राजीव चौधरी ने भी टीम के साथ पिंगली रोड पर शिव शक्ति राइस मिल की चेकिंग की। हालांकि मार्केटिंग बोर्ड द्वारा सत्यापित मिलों में गड़बड़ी की आशंका कम बताई जा रही है।
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तीन दिन पहले मारा गया था छापा
मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक विनय सिंह ने घीड़ उप मंडी में तीन दिन पहले स्वयं पहुंचकर छापा मारा था। उसी दिन से यहां क्षेत्रीय प्रशासक गगनदीप सिंह, जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी ईश्वर राणा जांच कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने जांच में क्या मिला, उसका खुलासा करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि गगनदीप सिंह ने अपनी रिपोर्ट तो मुख्य प्रशासक को सौंप दी है, अभी राइस मिलों का सत्यापन किया जा रहा है। मुख्य प्रशासक ने कुरुक्षेत्र से टीम भेजकर शिव शक्ति राइस मिल की जांच कराई गई है। यहां पहले से रखा काफी मात्रा में चावल और धान मिला है। इसकी रिपोर्ट भी मुख्य प्रशासक को सौंप दी है। अब मुख्य प्रशासक स्तर से ही कार्रवाई की जानी है।