संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रिश्वत में महंगे आईफोन व एप्पल वॉच मांगने के मामले में गुरुग्राम राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से गिरफ्तार किए करनाल के तत्कालीन डीएफएससी अनिल कुमार का विभाग ने अभी तक निलंबन नहीं किया है। उनकी गिरफ्तारी 26 दिसंबर, 2025 को पंचकुला से हुई थी। 44 दिन बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं हुई है। सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को गिरफ्तारी के 48 घंटे में निलंबित करने का नियम है। सूत्रों का दावा है कि विभाग उन्हें पदोन्नति देने की तैयारी में है।
गुरुग्राम में मदनपुरी के डिपो होल्डर रूपेश कुमार ने जुलाई, 2024 को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी थी। आरोप लगाया था कि सरकार से राशन बांटने के एवज में मिलने वाली राशि में से अधिकारी 10 प्रतिशत तक कमीशन लेते हैं, जिसमें पांच प्रतिशत अनिल कुमार, तीन प्रतिशत विजय और दो प्रतिशत प्रेम लेता है। मार्च, 2024 में उस पर दबाव बनाकर अनिल कुमार ने एक लाख 21 हजार रुपये का आईफोन और ब्रांडेड वॉच ले ली थी। इसके बाद घर में एसी लगवाया। 35 हजार रुपये खाते में डलवा लिए थे।
गुरुग्राम एसीबी की टीम ने डिपो होल्डर रूपेश कुमार की शिकायत पर 9 अप्रैल 2025 को तत्कालीन डीएफएससी अनिल कुमार, एएफएसओ विजय और निरीक्षक प्रेम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले में गुरुग्राम एसीबी की टीम ने 26 दिसंबर को आरोपी डीएफएससी अनिल कुमार को पंचकुला में उनके आवास से गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद है।
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कई चावल मिल को क्षमता से अधिक धान देने का आरोप
तत्कालीन डीएफएससी अनिल कुमार पर कई चावल मिलों को मिल की क्षमता से अधिक धान अलॉट करने का आरोप है। मिल मालिकों से मिलीभगत का आरोप है। अगर विभाग की ओर से इस मामले की जांच करवाई जाए तो इसमें भी भारी भ्रष्टाचार सामने आ सकता है।
.धान घोटाले का आरोपी वेयर हाउस का सहायक तकनीशियन प्रदीप कुमार।
.धान घोटाले का आरोपी वेयर हाउस का सहायक तकनीशियन प्रदीप कुमार।
.धान घोटाले का आरोपी वेयर हाउस का सहायक तकनीशियन प्रदीप कुमार।
.धान घोटाले का आरोपी वेयर हाउस का सहायक तकनीशियन प्रदीप कुमार।