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Karnal News: करनाल में खुद दी घोटाले की शिकायत, गुरुग्राम रिश्वत कांड में फंसे डीएफएससी अनिल कुमार

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। हरियाणा के गुरुग्राम की एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के आरोप में करनाल के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अनिल कुमार को उनके पंचकूला स्थित आवास से गिरफ्तार किया है। एसीबी की डीएफएससी अनिल कुमार पर ये कार्रवाई गुरुग्राम के डिपो होल्डर से कमीशन मांगने और रिश्वत के रूप में आईफोन, एप्पल वॉच लेने के आरोप में हुई है। खास बात ये है कि जिस अधिकारी पर गुरुग्राम में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई हुई है वह अधिकारी करनाल में धान घोटाले का शिकायतकर्ता है। डीएफएससी की शिकायत पर विभाग के ही पांच निरीक्षक निलंबित हो चुके हैं। इन पर मामले विचाराधीन हैं।
करनाल में हुए धान घोटाले में डीएफएससी की शिकायत पर सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी में शामिल घरौंडा के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के चार निरीक्षक यशवीर सिंह, जुंडला के निरीक्षक संदीप शर्मा, अनाज मंडी करनाल के निरीक्षक समीर वशिष्ठ और अनाज मंडी निसिंग के निरीक्षक लोकेश को निलंबित किया जा चुका है। जबकि तरावड़ी थाना में दर्ज प्राथमिकी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक निरीक्षक रामफल को निलंबित किया जा चुका है।
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बताया जा रहा है कि कुछ दिनों से डीएफएससी अनिल कार्यालय में काफी कम आते थे। करनाल स्थित अपने सरकारी आवास पर भी उनको कम ही देखा गया। एसीबी ने पुख्ता सूत्रों के अनुसार उनके पंचकूला स्थित आवास से उनको गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि उन्हें इस कार्रवाई की आशंका पहले से हो गई थी।
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दबाव बनाकर 1.21 लाख का आईफोन और घड़ी लेने का आरोप


दूसरी ओर गुरुग्राम मामले में एसीबी को जुलाई 2024 में गुरुग्राम के मदनपुरी के डिपो होल्डर रूपेश कुमार ने शिकायत दी थी। जिसमें आरोप लगाया था कि सरकार से राशन बांटने की एवज में मिलने वाली राशि में से अधिकारी उनसे 10 प्रतिशत तक कमीशन लेते हैं। जिसमें से पांच प्रतिशत अकेले डीएफएससी अनिल कुमार, तीन प्रतिशत एएफएसओ विजय और दो प्रतिशत इंस्पेक्टर प्रेम लेता है। डिपो होल्डर ने यह भी आरोप लगाया था कि मार्च 2024 में उन पर दबाव बनाकर अनिल कुमार ने 1.21 लाख का आईफोन और घड़ी ले ली। इसके बाद घर में एसी भी लगवाया और बैंक खाते में 35 हजार रुपये भी डलवा लिए। शिकायत की जांच के बाद गुरुग्राम एसीबी ने 9 अप्रैल 2025 को तत्कालीन गुरुग्राम के डीएफएससी अनिल कुमार समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद अनिल का तबादला करनाल हो गया। फिलहाल अनिल कुमार करनाल में बतौर खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यरत थे।
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