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Karnal: जेई से 50 हजार रिश्वत लेते ऑडिट टीम के अधिकारी समेत दो दबोचे, मामला दबाने की एवज में मांग रहे थे घूस

Mon, 27 Mar 2023 09:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, घरौंडा, करनाल (हरियाणा)

सार

पीएमएवाई में धांधली बता नगरपालिका के जेई से मामला दबाने की एवज में घूस मांग रहे थे।  विजिलेंस की टीम ने दोनों को पकड़ लिया। इनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा के करनाल के घरौंडा में नगरपालिका में सोमवार को विजिलेंस की टीम ने चंडीगढ़ से आई ऑडिट कर रही टीम के एक अधिकारी समेत दो को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। नगर पालिका के प्रधानमंत्री आवास योजना शाखा के जेई की शिकायत पर विजिलेंस ने यह कार्रवाई की। विजिलेंस की टीम ने दोनों को पकड़ लिया। इनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।

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नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऑडिट चल रहा है। पिछले बुधवार से चंडीगढ़ से आई ऑडिट टीम नगरपालिका से आवास योजना के रिकाॅर्ड अपने साथ ले गई और नगरपालिका में पीएमएवाई शाखा के जेई मंदीप की लापरवाही बताई गई। आरोप है कि ऑडिट टीम के वरिष्ठ अधिकारी व एक अन्य ने मामले को दबाने के लिए जेई मंदीप से पचास हजार की रिश्वत मांगी।

जेई मंदीप रिश्वत देने में आनाकानी करता रहा, लेकिन ऑडिट टीम की ओर से उसे लगातार कॉल किए जा रहे थे। इस दौरान रिश्वत मांगने की बात कॉल रिकाॅर्ड हो गई। जेई मंदीप ने परेशान होकर इसकी जानकारी विजिलेंस को दी। सोमवार को विजिलेंस की टीम शाम करीब 4:45 बजे नगरपालिका पहुंची।
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टीम के निर्देश पर मंदीप ने ऑडिट अधिकारी प्रेमचंद व राहुल को नगरपालिका में बुलाया और पचास हजार रुपये की राशि दी। राशि लेते ही विजिलेंस टीम ने ऑडिट अधिकारी प्रेमचंद और राहुल को पकड़ लिया।

विजिलेंस की कार्रवाई के वक्त बंद थे नगरपालिका के सीसीटीवी कैमरे
जिस समय नगरपालिका में विजिलेंस की कार्रवाई चल रही थी, उस वक्त नगरपालिका के सभी सीसीटीवी कैमरे बंद थे। इस पर नपा सचिव प्रिंस ने बताया कि नगरपालिका में विद्युत रखरखाव का काम चल रहा था, जिसके चलते सीसीटीवी बंद थे।

ऑडिटर पिछले बुधवार से जेई मंदीप से 50 हजार रुपये की डिमांड कर रहे थे। मंदीप को मोबाइल पर लगातार रिश्वत देने के लिए परेशान किया जा रहा था। रिश्वत मांगने की पूरी कॉल डिटेल मनदीप के मोबाइल में रिकॉर्ड थी। मंदीप ने पूरे मामले की सूचना विजिलेंस को दी थी, जिसके बार कार्रवाई हुई है। - प्रिंस कुमार, सचिव, नगरपालिका

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