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कारोबारी के घर कुक बनकर आया था लुटेरा सुरेंदर

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। सेक्टर-9 में कारोबारी राहुल राव के घर में करोड़ों रुपये की लूट करने के मुख्य आरोपी नौकर सुरेंदर और उसके साथियों को पुलिस की सीआइए-1 टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी नौकर उद्योगपति राहुल राव के घर में कुक बनकर आया था।
इससे पहले उसे गाजियाबाद में एक व्यापारी के घर में लूट की वारदात को अंजाम देना था। जब वह उस घर में एंट्री नहीं कर पाया तो वह एजेंसी को फर्जी आधार कार्ड देकर करनाल में राहुल राव के घर कुक बनकर आ गया। यह खुलासा सीआईए-1 कार्यालय में हेड क्वार्टर डीएसपी वीरेेंद्र सैनी ने पत्रकार वार्ता के दौरान किया।
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डीएसपी हेड क्वार्टर ने बताया कि इससे पहले तीन जून को पुलिस ने इस आरोपी कुक के दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया था। जिन्हें जेल भी भेज दिया है। इन दोनों आरोपियों को पुलिस मंगलवार को कोर्ट पेश कर जेल भेजेगी, यह आरोपी पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं। इस मामले की जांच सीआईए-1 इंचार्ज दीपेंद्र राणा की टीम कर रही थी। 14 जून को सोनीपत के कुंडली बार्डर से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया था, जिन्हें 15 जून को कोर्ट में पेश कर 18 जून तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

21 मई को हुई थी घर में लूट, पांच दिन से कर रहा था रेकी
बिहार के मधुबनी जिले के गांव गोदरी निवासी मुख्य आरोपी सुरेंदर उर्फ पवन फर्जी आधार कार्ड से सेक्टर-9 मकान नंबर 928 राहुल राव के घर में कुक बनकर आया था। पांच दिन उसने घर में अलमारी आदि की रेकी की। इसके बाद 21 मई को आरोपी सुरेंदर ने अपने साथी रंजीत वासी बैलही जिला मधुबनी बिहार, सरवन और प्रेमपाल निवासी पिरोरी थाना कंपिल जिला फर्रूखाबाद यूपी को बुलाया। दोपहर के समय उन्होंने घर की मालकिन ज्योति राव व नौकरानी को बंधक बनकर घर में लूट की वारदात को अंजाम दिया और फिर कार में लूटा हुआ सामान भरकर भाग गए थे।

ऑटो में बैठकर आए थे लुटेरे
डीएसपी सैनी ने बताया कि लूट की वारदात से पहले कुक के तीनों साथी ऑटो में बैठकर आए थे। जांच के दौरान सेक्टर-9 श्रीकृष्ण कृपा धाम में लगे सीसीटीवी कैमरे में तीनों आरोपी नजर आए थे और जब उन्होंने वहां से कुक को फोन किया तो उनका मोबाइल नंबर ट्रेस किया गया, फिर पुलिस आरोपियों के पीछे लग गई।

तिहाड़ जेल में बनी थी योजना
आरोपी कुक सुरेंद्र मांझी दिल्ली में एक लूट के मामले में तिहाड़ जेल में बंद था। इसी जेल में यूपी के जिला फर्रूखाबाद निवासी पिरोरी निवासी सरवन भी बंद था। इन दोनों आरोपियों ने जेल से ही योजना बना ली थी कि किसी बड़ी लूट की वारदात को मिलकर अंजाम देना है। 2018 में सरवन और फरवरी 2019 में कुक सुरेंदर मांझी तिहाड़ जेल से बाहर आ गए थे। इनके खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं।
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लूटा हुआ सामान किया बरामद
पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके साथी से दिल्ली के आनंद विहार में किराए के मकान से 1.185 किलोग्राम सोने और हीरे के आभूषण, दो किलो चांदी के आभूषण, एक मोबाइल फोन और पांच लाख रुपये कैश जिसमें डालर भी शामिल है। उन्हें बरामद कर लिया है। इससे पहले पुलिस ने तीन जून को पकड़े गए सरवन और प्रेमपाल से एक देसी पिस्तौल 315 बोर, तीन जिंदा रौंद, एक कार आई-20 बरामद की थी, इससे अलग गिजोर सेक्टर-53 नोएडा में किराए के मकान से नौकरानी का एक मोबाइल, 6 लाख रुपये कैश और करीब 50 लाख रुपये की कीमत के सोने, चांदी और हीरों के जेवर व अन्य सामान बरामद किया था।
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