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बीमार मजदूरों को घर में इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़ा

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। नई अनाज मंडी में डायरिया और वायर से पीड़ित मजदूरों की तबीयत बिगड़ती जा रही है, तीन दिनों में महिला, बच्चे सहित छह लोगों डायरिया और वायर के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर इतनी बड़ी घटना के बाद भी मार्केट कमेटी में तीसरे दिन गंदगी के ढेर लगे रहे, पानी की टंकी पर ढक्कन गायब नजर आए। इससे साफ नजर आता है कि मार्केट कमेटी के अधिकारी इस मजदूरों की मौत को लेकर गंभीर नहीं है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उस झोला छाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है, जो इन बीमार मजदूरों को दवा दे रहा था, जिसने स्वास्थ्य विभाग को सूचना ही नहीं दी कि अनाज मंडी में भारी संख्या में मजदूरों को उल्टी और दस्त लग रहे हैं। विभाग की टीम ने झोला छाप डॉक्टर मांगे राम के खिलाफ सिटी थाना में मामला दर्ज करा दिया है और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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बिना डिग्री के मजदूरों से इलाज के नाम पर ऐंठ रहा था रुपये
अनाज मंडी में मजदूरों ने बताया कि उनके बाकी के साथी बांसो गेट स्थित मांगेराम डॉक्टर के पास दाखिल है। वहां सीएमओ गुलशन राय अपनी टीम के पास पहुंचे तो देखा वह डॉक्टर मांगेराम के पास कई मजदूर दाखिल थे, वह अपने मकान में ही डॉक्टरी कर रहा था। सीएमओ ने मांगे राम से डॉक्टर की डिग्री दिखाने के लिए कहा तो उसके पास कोई दस्तावेज नहीं पाया, उसने जो दस्तावेज दिखाए वह भी फर्जी नजर आ रहे थे। सीएमओ ने तुरंत मांगे राम को पुलिस के हवाल कर दिया और दुकान से दवाइयां, इंजेक्शन सहित अन्य सामान कब्जे में लेकर सील कर दिया।

बीमार मजदूर बोले शौचालय वाला लेता है पांच रुपये
मार्केट कमेटी में धरने के दौरान मार्केट कमेटी सचिव सुरेंद्र व तहसीलदार के सामने मजदूरों ने कहा कि उन्हें दस्त लगे हुए हैं शौचालय वाला हर बार पांच रुपये मांगता है ऐसे में वे इतने रुपये कहा से दे। उन्होंने कहा कि शौचालय को नि:शुल्क कराया जाए। इसपर सचिव ने सहमती जताई।

पानी के फिर लिए चार और सैंपल, ट्यूबवेल से नहीं हो रही थी क्लोरीन सप्लाई
स्वास्थ्य विभाग के सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ नई अनाज मंडी में जाकर पेयजल के सैंपल लिए। इससे पहले बुधवार को भी टीम ने चार पानी के सैंपल लिए थे। फिलहाल उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। नई अनाज मंडी में जो ट्यूबवेल है उससे क्लोरीन की भी सप्लाई नहीं हो रही थी। उसका डोजल बंद पड़ा था।

पानी की टंकी कराई साफ, दोबारा भरवाया पेयजल
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मजदूरों के बर्तनों में भरे पेयजल को बदलवाया और पानी की टंकी भी साफ कराई। इसके साथ ही मार्केट कमेटी सचिव ने भी निर्देश दिए हैं कि नई अनाज मंडी में सभी पानी की टंकियों की सफाई की जाए। साथ ही पानी के टैंक से मजदूरों को पेयजल दिया जाए।

कैंप लगाकर बांटी दवाइयां
नई अनाज मंडी में गुुरुवार को दोबारा मेडिकल चेकअप कैंप लगाया गया। इस कैंप में भी 60 से 70 मजदूरों का चेकअप किया गया। इस दौरान 32 मरीज वायरल बुखार व डायरिया के मिले। मार्केट कमेटी सचिव ने सीएमओ को कहा कि वह कई दिनों तक चेकअप कैंप लगाकर रखे।

झोला छाप डॉक्टर के पास दाखिल मरीजों को कराया मेडिकल कॉलेज में दाखिल
जो मजदूर प्राइवेट अस्पताल में दाखिल थे उन्हें सरकारी अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया, ताकि वहां बिना रुपये दिए अच्छा इलाज हो सके। इसके साथ ही जो मरीज झोला छाप डॉक्टर के पास दाखिल थे उन्हें भी मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया।

झोलाछाप डॉक्टर पहले सूचना देता तो यह नौबत नहीं आती : सीएमओ
सीएमओ गुलशन राय ने कहा कि यदि झोलाछाप डॉक्टर मजदूरों के बीमार होने की सूचना पहले ही दे देता तो यह नौबत नहीं आती समय रहते मजदूरों का इलाज कराया जाता। डायरिया नोटिफिकेशन डिसीज है, इस लिए इसकी सूचना न देने पर भी इस डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। नई अनाज मंडी में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाया गया है और दवाइयां भी दी जा रही है।
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सफाई ठेकेदार को किया नोटिस जारी, सफाई नहीं हुई को टेंडर किया जाएगा रद्द
मार्केट कमेटी सचिव सुरेंद्र ने कहा कि नई अनाज मंडी में साफ-सफाई का कार्य जोरों पर चल रहा है, सफाई ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया है। यदि सफाई नहीं हुई तो उसका ठेका कैंसल कर दिया जाएगा। पानी की टंकी की सफाई करने के भी निर्देश दिए हुए हैं।
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