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प्रिंसिपल रितु छाबड़ा हत्याकांड के दोषी छात्र को उम्रकैद

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convicted student imprisoned for life - फोटो : Yamuna Nagar
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देशभर में चर्चित रहे स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रितु छाबड़ा हत्याकांड में वीरवार को अदालत का फैसला आया। एडिशनल डिस्ट्रिक सेशन जज नेहा नोहरिया की कोर्ट ने दोषी छात्र शिवांश को उम्र कैद और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान दोषी शिवांश कोर्ट में हाथ बांधे खड़ा रहा। सजा सुनाते ही वह मायूस हो गया और आंखों में आंसू आ गए। कोर्ट में वह खुले मुंह था, लेकिन बाहर आते समय उसने रुमाल से मुंह ढक लिया। उप जिला न्यायवादी सुरजीत आर्य ने बताया कि कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले की सत्यापित कॉपी मिलने के बाद ही तय किया जाएगा कि इसमें हाईकोर्ट जाया जाए या नहीं। वहीं इस मामले में छात्र का पिता रणजीत बरी हो गया है। इस मामले को लेकर वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उधर, रितु छाबड़ा के पति राजेश छाबड़ा का कहना है कि हमें उम्मीद थी कि दोषी को फांसी की सजा होगी। कोर्ट ने उम्र कैद देकर रितु को न्याय देने का काम किया है। दो साल एक महीना 22 दिन बाद फैसला आया है।
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20 जनवरी 2018 को स्वामी विवेकानंद स्कूल में शिक्षक अभिभावक संघ की बैठक चल रही थी। इस दौरान 12वीं के छात्र शिवांश प्रिंसिपल रीतु छाबड़ा के कमरे में आया और रिवाल्वर से गोलियां चलानी शुरू कर दी। उसने प्रिंसिपल को चार गोलियां मारी और हवा में रिवाल्वर लहराते हुए भाग गया। बाद में लोगों ने कुछ दूरी पर शिवांश को पकड़ लिया और उसकी पिटाई भी की। पुलिस की जांच में सामने आया था कि शिवांश की प्रैक्टिकल फाइल पर साइन करने से प्रिंसिपल ने मना कर दिया था। इसी रंजिश में उसने अपने पिता रणजीत की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोलियां चलाईं। गिरफ्तारी के दौरान अदालत में सोशल मीडिया पर वीडियो भी दिखाया गया था।
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