संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। कुंजपुरा गांव में पीने के पानी का संकट है। गांव में पिछले करीब डेढ़ माह से पाइपलाइन के जरिए गंदा और दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि घरों में आ रहे पानी में गंदगी के साथ कीड़े भी आ रहे हैं। लोग बीमार पड़ रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुंजपुरा की ओपीडी में पेट की समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले जहां सीएचसी में मुख्य रूप से गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आती थीं, वहीं अब पेट की समस्याओं के साथ खांसी, कफ और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे उपचार की सुविधा उपलब्ध है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को करनाल के सरकारी अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने पीने के पानी की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत और पानी की शुद्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का लोग भुगत रहे खामियाजा
कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। विभाग इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है। पहले भी उनकी लापरवाही का खामियाजा लोग भुगत चुके हैं। - अमित वर्मा
पाइपलाइन के पानी की बजाय खेतों से पानी लाने को मजबूर
कुंजपुरा गांव की पाइपलाइनों से लगातार खराब पानी आ रहा है। लोग अपने खेतों में लगे टयूबवेल से पीने का पानी लाने के लिए मजबूर हैं। कई लोग दूसरे घरों से सबमर्सिबल का पानी लाकर काम चला रहे हैं। - सुरेंद्र भाटिया
दूषित पेयजल और जर्जर सड़क की समस्या समस्या विकराल
कुंजपुरा गांव में दूषित पेयजल और जर्जर सड़क की समस्या ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। यदि समय रहते इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में स्वास्थ्य संकट और गंभीर रूप ले सकता है। - दीपक
वर्जन
जांच कराएंगे, लिए जाएंगे पानी के नमूने
कुंजपुरा गांव में करीब एक साल पहले भी दूषित पानी की समस्या आई थी। तब भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूषित पानी के नमूने लिए थे। इस बार भी पानी के नमूने लिए जाएंगे और समस्या का समाधान कराएंगे। विभाग की टीम की ओर से सीएचसी पर 24 घंटे लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गले व सांस की समस्या से पीड़ित लोगों को प्राथमिक उपचार दिया जाता है अगर गंभीर स्थिति हो तो ही सिविल अस्पताल में रेफर किया जाता है। यहां 30 बेडों की उपलब्धता है। - डाॅ. संदीप अबरोल, एसएमओ, सीएचसी कुंजपुरा