माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। यूं तो नगर निगम और एनएचएआई की ओर से गोवंश को पकड़ने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन ये हवा-हवाई ही हैं। शहर की गलियों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक पशुओं का जमावड़ा है। नेशनल हाईवे-44 पर बेसहारा गोवंश वाहनों के साथ ही बीच सड़क दौड़ लगा रहे हैं।
यह हालात तब हैं जब पिछले एक साल में उपायुक्त से लेकर निकाय मंत्री तक अधिकारियों को सड़कों से बेसहारा गोवंश को हटाने के लिए निर्देश दे चुके हैं। हर चौथे हादसे में बेसहारा पशु वजह भी बन रहे हैं। इसके बाद भी नगर निगम की ओर से पशुओं को पकड़ने का अभियान सफल होता दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि यह दावा है कि पिछले कई महीनों में अभियान चलाकर 100 से ज्यादा पशुओं को नंदीशाला भेजा जा चुका है। इधर, सड़कों पर भी पशुओं की संख्या कम होती नहीं दिख रही है।
अमर उजाला टीम ने बुधवार को स्थिति का जायजा लिया तो लाइन पर क्षेत्र में प्रेम नगर, राम नगर, काछवा रोड, कैथल रोड और सदर बाजार, पुराना सब्जी मंडी, नई सब्जी मंडी, नेशनल हाईवे-44, कैथल रोड और घोघड़ी पुर रोड पर कई जगह बीच सड़क घूमते या बैठे गोवंश को देखा गया।
रात में हादसों का ज्यादा अंदेशा, पहनाएंगे रिफ्लेक्टर टेप
शहर की सड़कों पर रात को बेसहारा पशुओं के आतंक से रोजाना कोई न कोई हादसे का शिकार हो रहा है लेकिन अधिकारियों को लोगों की जान की कोई परवाह नहीं है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट तेजपाल और शुभम का कहना है कि बेसहारा पशुओं के कारण हादसे की संभावना और बढ़ जाती है। रात में यह पशु दिखाई भी नहीं पड़ते। उन्होंने बताया कि हर साल प्रशासन सड़क सुरक्षा माह मनाते हुए सड़कों पर बैठे गोवंश के गले में रिफ्लेक्टर टेप डालता है। अच्छा हो प्रशासन इस बार विशेष माह में सड़कों को हादसा मुक्त बनाने के लिए काम करे और इन पशुओं को नंदीशाला भेजा जाए। ताकि यह भी ठंड से बचें और लोगों को सभी सुरक्षित सड़क मिले।
कहीं फैंसिंग टूटी तो कहीं से गायब
हाईवे पर पशुओं के आने से कहीं फेंसिंग लंबे समय से टूटी पड़ी है और कहीं से गायब हो चुकी है। ऐसे में पशुओं का हाईवे पर पहुंचना भी आसान हो जाता है। रात को हाईवे पर अनेक जगहों पर अंधेरा, धुंध आदि होने के चलते पशु दिखाई नहीं पड़ते और तेज रफ्तार में चल रहे वाहन की टक्कर होने की संभावना बनी रहती है।
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नेशनल हाईवे समेत अन्य सड़कों से पशुओं को हटाने के लिए नगर निगम को हिदायत जारी की हुई है। इसे दोबारा अभियान के तौर पर शुरू कराया जाएगा। लोगों की सुरक्षा को लेकर हम चिंतित हैं। सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को सतर्क रहते हुए सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए कहा गया है। - उत्तम सिंह, उपायुक्त