संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा (करनाल)। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने गढ़ी मुल्तान गांव के नजदीक स्थित रमन भट्ठे पर छापा मारा। जहां भट्ठा चलता पाया गया वहीं पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा माना जाने वाला कार्बन भी रखा मिला। कार्बन का इस्तेमाल कोयले में मिलाकर किया जा रहा था। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों के अनुसार भट्ठा अवैध रूप से चलाया जा रहा था। कार्बन को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
एनजीटी के आदेश के अनुसार एक मार्च तक हरियाणा में ईंट-भट्ठे बंद किए गए हैं, लेकिन कुछ भट्ठा मालिक आदेशों को नहीं मान रहे हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को गढ़ी मुल्तान गांव में रमन भट्ठा चालू होने की जानकारी मिली। जिसके बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता प्रभारी राजेंद्र र्श्मा व राज सिंह के नेतृत्व में प्रदूषण विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, गुप्तचर विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। जहां भट्ठा श्रमिकों द्वारा ईंट भरने का काम किया जा रहा था। लगभग 70 प्रतिशत भट्ठा ईंटों से भरा था। भट्ठे में कर्मचारियों द्वारा कोयले के साथ-साथ कार्बन डस्ट का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। करीब 40 टन कार्बन डस्ट मिला है।
प्रदूषण विभाग के एसडीओ निपुण गुप्ता ने बताया कि किसी भी भट्ठे पर कार्बन का इस्तेमाल नहीं किया सकता है। करीब 40 टन कार्बन मिला है जो न सिर्फ पर्यावरण बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है। इसके अतिरिक्त सरकार ने भट्ठा चलाने पर प्रतिबंध लगाया है। फिर भी भट्ठा चल रहा था। भट्ठा मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
दिया जाएगा नोटिस
उड़नदस्ता अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि एनजीटी के आदेश हैं कि भट्ठों को नहीं चलाया जा सकता है। कार्बन भी काफी मात्रा में मिला है। कार्बन को लेकर कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण विभाग करेगा। डीएफएससी विभाग भट्ठा मालिक को नोटिस देगा, इसके बाद भी भट्ठा बंद नहीं किया तो एफआईआर होगी। खाद्य आपूर्ति विभाग के एएफएसओ सुभाष चंद्र का कहना है कि एक मार्च तक भट्ठे बंद हैं। भट्ठा मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किए हैं। इसके बावजूद भट्ठा चालू मिला है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। आदेशों के अनुसार कार्रवाई होगी।