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रिश्वत कांड : डीटीपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। रिश्वत कांड में गिरफ्तार डीटीपी विक्रम को विजिलेंस ने रिमांड पूरा होने पर कोर्ट में पेश किया और वहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं इस मामले में किसी अन्य अधिकारी व कर्मचारी की गिरफ्तारी का विजिलेंस ने खुलासा नहीं किया है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी तहसीलदार व डीटीपी विक्रम से संपत्ति के जो दस्तावेज बरामद हुए हैं उनकी जांच चल रही है। जल्द अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
डीटीपी को विजिलेंस 11 दिन के रिमांड पर ले चुकी है। इन 11 दिन के रिमांड के दौरान डीटीपी से दो कारें बरामद की गई, जो कि उसी के नाम हैं। वहीं करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है।
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यह है पूरा मामला
स्टेट विजिलेंस ने 11 मार्च को डीटीपी विक्रम को सेक्टर-6 स्थित उसके घर से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। इस दौरान उसके ड्राइवर बलबीर को भी पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा था। तलाशी के दौरान डीटीपी के घर से 78.64 लाख रुपये भी बरामद किए गए थे। दोनों आरोपियों को 12 मार्च को कोर्ट में पेश कर विजिलेंस ने तीन दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ के आधार पर मामले में 14 मार्च को विजिलेंस ने तहसीलदार राजबख्श को भी गिरफ्तार किया था।
15 मार्च को तहसीलदार राजबख्श और डीटीपी विक्रम को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तहसीलदार को एक दिन और डीटीपी को दोबारा तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया। 16 मार्च को दोबारा तहसीलदार को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे पांच दिन की रिमांड पर भेजा गया। वहीं तीन दिन का रिमांड पूरा होने पर 18 मार्च को विजिलेंस की टीम ने डीटीपी विक्रम को दोबारा कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया था। इसके बाद 21 मार्च को तहसीलदार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। वहीं 23 मार्च को डीटीपी विक्रम को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
डायरी का नहीं खुला राज
विजिलेंस की टीम को डीटीपी विक्रम के घर से एक डायरी बरामद हुई थी। जिसमें आलाधिकारी व रसूखदारों के नाम बताए जा रहे हैं। जिन्हें डीटीपी विक्रम रिश्वत के रुपये देता था। इस डायरी का अभी खुलासा नहीं हुआ है।
12 दिन में तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले का खुलासा हुए 12 दिन बीत चुके हैं। मामले में डीटीपी विक्रम और उसका ड्राइवर बलबीर व तहसीलदार राजबख्श अरोड़ा गिरफ्तार हुए हैं। विजिलेंस की टीम ने दावा किया है कि डीटीपी और तहसीलदार ने कई अहम खुलासे किए हैं। कई कर्मचारियों के नाम भी लिए हैं अभी उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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एसई को गिरफ्तार नहीं कर पा रही पुलिस
करनाल। रिश्वत प्रकरण में नगर निगम के एसई दीपक किग्गर को पुलिस ने अभी गिरफ्तार नहीं किया है। जबकि किग्गर पर मामला दर्ज हुए करीब आठ दिन बीत चुके हैं। पुलिस का दावा है कि वह लगातार छापामारी कर रही है लेकिन अभी तक आरोपी उसके हाथ नहीं लगा है। हालांकि इस मामले में एसई का पीए विकास शर्मा गिरफ्तार हो चुका है। पीए ने खुलासा किया है कि हर फाइल पर एसई ने आधा प्रतिशत रकम की सेटिंग की थी। इस मामले में 32 वीडियो सामने आई थी। उनकी जांच के बाद ही एसई के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। संवाद
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