हरियाणा के करनाल रिश्वत कांड में रिमांड के दौरान डीटीपी विक्रम के पास करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। वहीं एक कार भी बरामद की गई है जो कि आरोपी ने रिश्वत के रुपयों से खरीदी थी। यह खुलासा हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने किया है। डीटीपी विक्रम पांच दिन के रिमांड पर था। हालांकि इससे कई गुना संपत्ति होने की आशंका जताई जा रही थी, क्योंकि जिस दिन डीटीपी विक्रम पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था उसी दिन विजिलेंस की टीम ने आरोपी से 78.64 लाख रुपये उसके घर से बरामद किए थे।
डीटीपी विक्रम को पांच दिन के रिमांड के बाद बुधवार को कोर्ट में दोबारा पेश किया जाएगा। इस दौरान आरोपी से एक कार और करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति का ही खुलासा हो पाया है। तहसीलदार का शराब के कारोबार में हिस्सा है, यह जानकारी मिली है लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। -सचिन कुमार, निरीक्षक, हरियाणा स्टेट विजिलेंस, करनाल
एसई की गिरफ्तारी के लिए फरीदाबाद, पंचकूला में छापामारी
रिश्वत प्रकरण में नगर निगम के एसई दीपक किग्गर को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि उनकी सीआईए की टीमें फरीदाबाद व पंचकूला में छापामारी कर रही है। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि एसई दीपक किग्गर हाईकोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत की याचिका दायर करने की तैयारी में है, क्योंकि जिला कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी एसई की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल पाएगा कि रिश्वत के रुपये अन्य किन अधिकारियों व कर्मचारियों में बांटे जाते थे। नगर निगम में एसई कार्यालय में रिश्वत लेने के 32 वीडियो सामने आ चुके हैं। उनकी जांच के बाद ही एडीसी योगेश कुमार की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया है।
वीडियो के अनुसार हर रोज रिश्वत के 70-80 हजार रुपये लेने का अनुमान है। इन वीडियो में एसई दीपक किग्गर और उसका पीए विकास शर्मा रुपये लेते नजर आ रहे हैं। वहीं जेई व ठेकेदार रुपये देते हुए नजर आ रहे हैं। इस मामले की जांच कर रहे डीएसपी मुकेश का कहना है कि सीआईए की टीमें फरीदाबाद व पंचकूला में छापामारी कर रही है जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।