फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सवा सौ करोड़ की परियोजना पर ब्रेक

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए अमरुत योजना के तहत 130 करोड़ रुपये से संचालित सीवरेज पाइप लाइन डालने और एसटीपी निर्माण की बड़ी परियोजना को अंतिम चरण में एक जोरदार झटका लगा है। तय समय पर परियोजना को पूरा नहीं किया जाने पर नगरनिगम द्वारा लगाए गए 12 करोड़ रुपये के जुर्माने के बाद कार्यदायी संस्था ने कार्य ठप कर दिया है। बताते हैं कि कार्यदायी संस्था नगरनिगम के खिलाफ कोर्ट में भी चली गई है, जिसके कारण अब शहर की महत्वाकांक्षी परियोजना लटकती नजर आ रही है। हालांकि नगरनिगम अब शेष कार्य को पूरा कराने के लिए रि-टेंडर लगाने की तैयारी में जुट गया है।
विज्ञापन

अमरुत योजना के तहत शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए 2017 में 178 करोड़ रुपये की लागत से एक परियोजना शुरू की गई थी। बाद में इस परियोजना की धनराशि में कटौती करके 130 करोड़ रुपये कर दिया गया था। परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत, जिसमें सीवरेज नेटवर्क का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है। इसका निर्माण टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड व खिलाड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कराया जा रहा है। परियोजना को 28 फरवरी 2022 तक पूरा किया जाना था लेकिन निर्माणदायी एजेंसियां इसका शत प्रतिशत कार्य पूरा नहीं कर सकी। नगरनिगम के कार्यकारी अभियंता सतीश शर्मा ने बताया कि निर्माणदायी एजेंसी समय पर कार्य पूर्ण नहीं कर सकी, इस कारण निगम ने कार्यदायी एजेंसी पर 12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया था। इस भारी भरकम जुर्माने से निर्माणदायी एजेंसी में खलबली मच गई। बताते हैं कि निर्माणदायी एजेंसियों के अधिकारी कर्मचारी ज्यों का त्यों काम छोड़कर चले गए हैं। शहर की इस बड़ी परियोजना पर काम ठप हो गया है।
---
उम्मीदों पर फिरा पानी
-उम्मीद ये की जा रही थी कि बारिश आने से पहले शहर की ये बड़ी परियोजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी। इससे शहर के साथ साथ कई कॉलोनियों व नगरीय क्षेत्र में आने वाले कई गांवों को सीधा लाभ होगा। इससे उपचारित पानी से गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए भी पानी उपलब्ध कराया जाना है। लेकिन परियोजना कार्य अंतिम चरण में आने से लटक गया है, जिससे लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
विज्ञापन

---
क्या क्या है परियोजना में
-इस परियोजना के तहत शहर को बेहतर सीवरेज देने के लिए 151 किमी सीवरेज पाइप डाली जा रही थी। 147 किमी पाइप लाइन का कार्य पूरा कर लिया गया है, सिर्फ चार किमी पाइप लाइन ही शेष बची है। इसके बाद इसे शहर के सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाना है। इसके अलावा इसी परियोजना के तहत फूसगढ़ में 20 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) व शिव कॉलोनी में आठ एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जा रहा है। इसके अलावा चीनी मिल व सैदपुरा में एक - एक इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेंशन (आईपीएस) का निर्माण भी कराया जा रहा है। एसटीपी आदि का 90 प्रतिशत से कार्य पूरा हो चुका है।
---
-नगर निगम ने निर्माणदायी संस्था टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड पर समय पर कार्य पूरा नहीं कर पाने के कारण करीब 12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बाद से निर्माणदायी संस्था ने परियोजना पर काम को बंद कर दिया है। जिससे फिलहाल कार्य बंद हो गया है। इसलिए अब जो कार्य शेष रह गया है, इसे पूरा कराने के लिए रि-टेंडर कराया जाएगा। ये प्रक्रिया शीघ्र ही पूरी की जाएगी।
-सतीश शर्मा, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम करनाल।
----
-परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन नगरनिगम कार्यदायी संस्था के साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रहा था। इसलिए 12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। करीब पांच करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान नहीं होने के कारण ही कार्य में विलंब हुआ है। यहां काम बंद हो गया, इसलिए मैने भी कंपनी को छोड़ दिया है, लेकिन मुझे जानकारी है कि टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड ने निगम द्वारा लगाए गए जुर्माना व रोके गए बिलों को लेकर कोर्ट में चली गई है, न्यायालय के आदेश के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

-परवेज आलम, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक टाटा प्रोजेक्ट।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें