करनाल। नगर निगम करनाल के अधीक्षण अभियंता दीपक किगर को ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस अदालत में पेश करेगी। दोनों आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था, इनमें से एक आरोपी अधीक्षण अभियंता के पास ही कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर है। इन दोनों आरोपियों को पुलिस ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। ताकि आरोपियों से वह वीडियो बनाने वाला कैमरा, मोबाइल, सिम कार्ड जिससे कॉल कर उसने रंगदारी मांगी थी, उसे बरामद किया जा सके। वीरवार को रिमांड की अवधि पूरी हो चुकी है, ऐसे में शुक्र्रवार को पुलिस आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश करेगी।
सीआईए-2 टीम के इंचार्ज मोहन लाल ने बताया कि नगर निगम के अधीक्षण अभियंता दीपक किगर ने 17 दिसंबर को सिविल लाइन थाना में ब्लैकमेल करने की शिकायत पुलिस को दी थी, जिसके बाद सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच सीआईए 2 को सौंपी गई थी। जांच के दौरान टीम ने आरोपी शुभम उर्फ सन्नी निवासी सेक्टर-18 कैथल और उसके दोस्त साहिल निवासी बालाजी कॉलोनी कैथल को कैथल से काबू किया था। उन्होंने अधीक्षण अभियंता और उनके पीए की रुपये लेते देते हुए की ऑडियो वीडियो बनाई हुई थी। उसी वीडियो को रिश्वत लेने की वीडियो बताकर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ब्लैकमेल कर रहा था, जिस नंबर से आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल की थी, वह विदेश का नंबर है, उस नंबर पर ही उसका व्हाट्सएप नंबर था।