माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नेशनल हाईवे-44 पर नमस्ते चौक पूर्व में हुए हादसों के कारण ब्लैक स्पॉट घोषित है। एनएचएआई का दावा है कि इस ब्लैक स्पॉट पर और हादसे न हों, इसके लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, लेकिन हालात इसके विपरीत हैं। न तो सड़क पूरी तरह से सुरक्षित है और न ही लोगों की ओर से सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है। सबसे ज्यादा हादसे यहां गलत दिशा में चलने के कारण हुए हैं लेकिन फिर भी लोग गलत दिशा में वाहन दौड़ाते दिखाई देते हैं। बड़ी बात यह है कि फिर भी इन पर कार्रवाई के लिए किसी पुलिसकर्मी की यहां तैनाती नहीं है। केवल सीसीटीवी कैमरों से ऑनलाइन चालान ही किए जा रहे हैं।
अमर उजाला की टीम ने चौक के हालात का जायजा लिया। यहां देखने में आया कि दिल्ली की ओर जाने वाले रास्ते में सर्विस लेन चौक पार करते ही तीव्र मोड़ होने के साथ संकरी हो जाती है। इससे वाहन चालक को आगे की स्थिति का पता नहीं चलता। वहीं यहां स्थित पेट्रोल पंप और शोरूमों से निकलने वाले लोग गलत दिशा में वाहन दौड़ाते हुए चौक पर आते हैं, जिस कारण हादसे हो रहे हैं। दिल्ली की ओर जाने वाले रास्ते में चौक से पहले तो गति सीमा और धीरे चलने की चेतावनी के बोर्ड लगे दिखाई दिए। जबकि चौक पार करने के बाद अंडर पास के पास सुरक्षा इंतजाम नहीं है। यहां न तो रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और न ही अन्य इंतजाम, यहां नालों से भी स्लैब गायब थी और दिल्ली से आने वाली सड़क पर वाहन गलत दिशा में चलते दिखे। साथ ही बीच सड़क वाहन खड़े भी थे।
नेशनल हाईवे-44 पर वर्ष 2024 में हुए हादसों के बाद घरौंडा में बाबे दा ढाबा के पास, नए बस अड्डे के पास, करनाल शहर में नमस्ते चौक क्षेत्र, उचाना पुलिस ट्रैफिक बूथ के पास, होटल हवेली के पास और समानाबाहू स्थित नए गुरुद्वारा के पास क्षेत्र को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था।
गलत दिशा और खड़े वाहन ज्यादा खतरनाक
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप राणा और तेजपाल ने बताया कि हाईवे पर गलत दिशा में वाहन चलाना गलत है। क्योंकि सही दिशा में आ रहे वाहन रफ्तार में होते हैं और कई बार चालक का ध्यान यदि किसी भी कारण से सामने से भटक गया तो गलत दिशा में आ रहे वाहन से टक्कर होती है।
- इसी तरह यदि कोई वाहन रास्ते में खराब होने के कारण या अन्य वजह से खड़ा है तो इस कारण भी हादसा हो जाता है। क्योंकि तीव्र मोड़ पर ऐसे वाहनों के खड़े होने से पीछे से आ रहे वाहन चालक को आगे की स्थिति पता नहीं चलती। यदि यहां कोई गलत दिशा में आ रहा हो तो हादसे की संभावना 50 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।
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पक्का पुल सहित अन्य ब्लैक स्पॉट पर समाधान के लिए हमने सुरक्षा इंतजाम किए हैं। नमस्ते चौक से मेरठ राजमार्ग भी शुरू होता है। इस कारण यहां दूसरे विभाग की भी जिम्मेदारी है। जो सड़क तीव्र मोड़ पर संकरा रही है, उसकी चौड़ाई बराबर ही है। फिर भी यहां के हालात को चेक करा लिया जाएगा। - भानू प्रताप, सेक्शन इंजीनियर, एनएचएआई