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बेटा राजमिस्त्री समझकर बुला लाया, बुजुर्ग मां को अधमरा कर की लूटपाट

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attack - फोटो : Panipat
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कलंदर पीर कॉलोनी में राज मिस्त्री बनकर आए बदमाश ने वृद्धा को उसके घर में बंधक बनाकर पत्थर, रॉड और चाकुओं से 10 बार हमला किया। वृद्धा को अधमरी कर बदमाश उसके कानों से सोने की बाली और गले से एक तोले की चेन लूट ले गया। इससे पहले वृद्धा ने करीब 10 मिनट तक बदमाश का मुकाबला किया और तब तक लड़ी, जब तक बेहोश नहीं हो गई। नतीजा बदमाश अलमारी से पैसे नहीं लूट पाया। वृद्धा की बहन को आते देख बदमाश फरार हो गया। उन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। डॉक्टरों ने किला थाना पुलिस को इसकी सूचना दे दी है। पुलिस परिजनों से राज मिस्त्री बनकर आए बदमाश के बारे में पूछताछ कर रही है। परिजनों ने पुलिस को उसका मोबाइल नंबर भी दिया है।
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कलंदर पीर कालोनी निवासी 70 वर्षीय सत्यरानी लांबा ने बताया कि उसके पति का आठ मरला में मेडिकल स्टोर है। उसका बेटा दिनेश सोमवार शाम चार बजे अपने पिता के पास मेडिकल स्टोर पर गया था। उसकी बहू प्रीति अपने मायके में गई है। दो दिन पहले बेटा दिनेश संजय चौक से एक विनोद नाम के राज मिस्त्री को घर लाया था। वह दो दिन से उनके घर की रिपेयरिंग का काम कर रहा था। सोमवार को वह घर काम करने नहीं आया। शाम सवा चार बजे अचानक विनोद घर पर आया और उसने उन्हें धक्का दे दिया। फिर अंदर कमरे में घसीट कर ले गया। विनोद ने कहा कि जो भी घर में पैसे हैं, चुपचाप दे दें। उसने पैसे देने से इंकार किया तो उसने उसके सिर पर पत्थर से कई बार हमले किए। सिर पर हमले के कारण उसको चक्कर आ गए। आरोपी विनोद मकान की अलमारी खंगालने लगा। पहले उसने उनकी अलमारी को चेक किया, लेकिन उसको पैसे नहीं मिले। इसके बाद वह उन्हें घसीटकर दूसरे कमरे में ले गया और वहां सिर पर उसको रॉड मारी। इसके बाद उसने उसकी बहू प्रीति की अलमारी की जांच की, लेकिन उसको पैसे नहीं मिले। विनोद ने यहां पर उसके हाथ पर चाकू मारे। इस दौरान बुजुर्ग महिला लगातार विनोद के साथ संघर्ष करती रही। 10 मिनट के बाद उसकी बहन बलबीर कौर ने गेट खटखटाया तो गेट अंदर से बंद मिला। वह गेट खटखटाती रही, इसके बाद आरोपी ने उन्हें अधमरी हालत में छोड़कर कानों से बाली और गले से चेन झपटकर गेट खोलकर फरार हो गया। उसकी बहन ने कमरे की कुंडी खोली तो वो खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। बलबीर कौर ने शोर मचाया तो वहां पड़ोसी भी आ गए और उसको सिविल अस्पताल में लेकर आए।
सत्यरानी ने बताया कि घर में आते ही विनोद ने उसको धक्का दिया और लगातार उसके सिर पर हमले किए। वो खून से लथपथ हालत में फर्श पर गिरी थी। विनोद घर की तलाशी ले रहा था। वह बार-बार कह रही थी कि बेटा मारो मत, लेकिन वह नहीं माना। वह कह रहा था कि मकान में पैसे हैं, मुझे पता है। पैसे देने ही पड़ेंगे।
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- पहले ही विनोद की हरकतों पर शक हो गया था-
सत्यरानी ने बताया कि विनोद ने दो दिन उनके घर काम किया। उसको पहले ही विनोद की हरकतें संदिग्ध लगी थी। वो घर पर ताकाझांकी ज्यादा करता था। बहाने बनाकर अंदर कमरों में आने की कोशिश करता था।
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