पुलिस की सीआईए-2 टीम ने चैन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय दो स्नैचरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हरियाणा सहित पंजाब, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ व कर्नाटक के बैंगलुरु में करीब 40-40 वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी लूटी हुई सोने की चेन से अपनी पत्नी को लुभाते थे और फिर उन्हें बेचते थे। आरोपियों से पुलिस ने एक सोने की चेन व एक बाइक बरामद की है। सीआईए-2 इंचार्ज इंस्पेक्टर सुरेंद्र ने बताया कि उप निरीक्षक सुरेंद्र की अध्यक्षता में टीम ने पहले 19 जनवरी को आरोपी नरेश कुमार निवासी मस्तगढ़ थाना झिंझाना, जिला सहारनपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का 5 दिन का रिमांड हासिल करने के बाद दूसरे साथी लक्ष्मण निवासी अलाउद्दीनपुर थाना झिंझाना का खुलासा हुआ। जिसके साथ मिलकर करनाल में चेन स्नैचिंग की चार वारदातों को अंजाम दिया गया। दूसरे आरोपी लक्ष्मण को 23 जनवरी को मेरठ रोड नजदीक मंगलौरा से काबू किया गया। जांच में पता चला कि आरोपी आमतौर पर महिलाओं को निशाना बनाते थे। जिस जगह वारदात करनी होती थी वहां पर पहले किराए पर कमरा लेते थे, फिर घर के बाहर गले में चेन डाले खड़ी महिलाओं से किसी का नाम व पता पूछने के बहाने चेन छीनकर बाइक पर फरार हो जाते।
इन वारदातों को दिया अंजाम
1. 24 फरवरी 2020 को फुलो देवी निवासी सरफाबाद माजरा थाना कुंजपुरा, सुबह घर के बाहर झाडू मार रही थी तभी दो बाइक सवार युवकों द्वारा किसी का नाम पता पूछने के बहाने उसके गले से ढाई तोले की सोने की चेन छीन ली थी। थाना कुंजपुरा में केस दर्ज है।
2. 15 दिसंबर 2020 को मोनिका निवासी सेक्टर-5 करनाल में उसके घर के सामने से दो बइक सवार अज्ञात युवकों द्वारा उसके गले से 13 ग्राम सोने की चेन छीन ली थी। थाना सिटी में केस दर्ज है।
3. 26 सितंबर 2020 को संतोष रानी निवासी न्यू मंगल कालोनी पार्ट-2 से दो बाइक सवार युवकों द्वारा घर के पास से 1 तोले सोने की चेन छीन ली गई थी। थाना सिटी में केस दर्ज है।
4. 15 मार्च 2020 को बलविंद्र कौर निवासी डीसी कॉलोनी करनाल से उसके घर के सामने से दो बाइक सवार अज्ञात युवकों द्वारा 3 तोले सोने की चेन छीनी थी। यह भी मामला दर्ज है। सभी वारदातें नरेश व लक्ष्मण ने अंजाम दिया था।
पानीपत एक आरोपी है भगोड़ा
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नरेश ने अकेले पानीपत में 6 व अंबाला में चैन स्नैचिंग की 1 वारदात को अंजाम दिया था। इन मामलों में आरोपी नरेश कुमार गिरफ्तार हो चुका था और जमानत पर बाहर था। कोर्ट में तारीख पेशी पर न जाने के कारण बेल जंपर हो चुका था और पानीपत न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था।