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करनाल: जिस रफ्तार से बढ़ा कोरोना संक्रमण उसी रफ्तार से घटा भी

Sat, 26 Jun 2021 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो गगन तलवार, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना की दूसरी लहर लापरवाही बरतने के कारण खतरनाक साबित हुई। जितने नए केस और मौत 31 मार्च तक पिछले एक साल में सामने आए। उससे दोगुना से ज्यादा मामले दूसरी लहर में पहली अप्रैल से अब तक सामने आए हैं। लेकिन प्रशासन की मौके पर संभाली व्यवस्था और जनता के सहयोग से जिंदगी जंग जीतती रही।

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जिस रफ्तार से कोरोना बढ़ा उसी रफ्तार से संक्रमण ने दम भी तोड़ा। इस लहर में एक्टिव मरीजों की बात करें तो पहली मार्च को जिले में 200 केस थे, जो 31 तक बढ़कर 1422 हो गए। 30 अप्रैल तक यह आंकड़ा 5458 और दो मई तक 6057 तक पहुंचा। लेकिन मई में एक्टिव मरीजों की संख्या घटनी शुरू हो गई, 31 मई तक घटकर 1208 पहुंची। जो अब 25 जून को यह आंकड़ा 86 तक पहुंच गया है।

इसी तरह नए मामलों को देखें तो 31 मार्च तक 14457 केस सामने आए। जो अब बढ़कर 39873 हो गई है यानी 25416 नए केस। इसी तरह मौत 31 मार्च तक 171 हुई थी, जो अब तक 544 पर पहुंच गई यानी दूसरी लहर में 373 मौत हुई। इसी तरह रिकवरी के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक 39243 मरीज ठीक हुए हैं, इनमें से 26379 मरीज दूसरी लहर में ठीक हुए हैं।

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आक्सीजन और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व पता चला

डीसी निशांत कुमार यादव का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन की जरूरत और स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व का पता चला है। जिन संसाधनों की ज्यादा जैसे जैसे जरूरत पड़ी, वैसे-वैसे उसे पूरा किया। टीम वर्क में रहने और स्वास्थ्य सेवाओं के इंतजाम पुख्ता रखने की सीख मिली। इसी तरह तीसरी लहर के लिए तैयारी पूरी है। फूसगढ़ में कोविड अस्पताल बनाने के लिए हमने संसाधन एडवांस में मंगवा लिए। सावधानी बरतें तो लहर नहीं आएगी।

अनुशासन का पाठ पढ़ा रहा कोरोना
एसपी गंगा राम पुनिया का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में लोगों ने बहुत कुछ खोया है। लेकिन जिंदगी उनकी बची है, जिन्होंने नियमों का पालन किया। यानी कोरोना ने हमें अनुशासन में रहने का पाठ पढ़ाया है। तीसरी लहर आने पर भी सख्ती से निपटेंगे। सरकार की ओर से जो निर्देश आएंगे उनका पालन कराया जाएगा। अब तक लोगों ने पुलिस प्रशासन का काफी सहयोग किया है।

कोरोना को पूरी तरह खत्म करने के लिए गंभीर
सीएमओ डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि जब तक पूरी सोसाइटी इसे सीरियस नहीं लेगी। तब तक हम कोरोना को खत्म नहीं कर सकते हैं, दूसरी लहर में जिस तरह केस बढ़े और मरीजों की जान गई है। इसका यही कारण रहा कि लोगों ने कोरोना को सीरियस कम लिया। तीसरी लहर को लेकर विभाग तैयारियां करने में जुटा हुआ है। शहर के प्राइवेट अस्पतालों से जानकारी मांगी हुई है उनके पास बच्चों के वार्ड में कितने बेड हैं और बच्चों के लिये क्या क्या सुविधाएं है।

बच्चों के वार्ड और आईसीयू में बढ़ाई गई है बेड की संख्या
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ जगदीश दुरेजा ने बताया कि कोरोना के मरीजों को मेडिकल कालेज में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी है। ऑक्सीजन को लेकर थोड़ी परेशानी आई थी। उसे भी दूर किया। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में बच्चों के दो वार्ड बनाए गए हैं। उनमें 60 बेड है। इससे अलग पीक्कू व निक्कू में भी 14-20 बेड हैं। फिलहाल 6 के करीब बच्चों के डॉक्टर है।
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