संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। वैश्य भवन चैरिटेबल ट्रस्ट व अग्रकुल सेवा संस्था की ओर से मंगलसेन ऑडिटोरियम में पहली बार अग्रलीला का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तर भारत में पहली बार मुंबई के 30 कलाकारों ने अग्रलीला का मंचन करते हुए पांच हजार वर्ष पहले के अग्रसेन काल को जीवंत कर दिया। इस दौरान अग्रसेन के जन्म, इंद्र दरबार, राक्षसों के आतंक, नृत्य, यज्ञ में पशु बलि आदि दृष्टांतों का चित्रण किया गया।
करीब दो घंटे चली लीला में दर्शक भाव विभोर हो गए। मुख्य अतिथि मानवाधिकार आयोग हरियाणा के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एसके मित्तल पहुंचे। विशिष्ट अतिथि मेयर रेणु बाला गुप्ता ने शिरकत की। एसके मित्तल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए। उनका चरित्र आज की युवा पीढ़ी को बहुत बड़ी शिक्षा देता है।
इस दौरान वैश्य भवन चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान शम्मी बंसल व अग्रकुल सेवा संस्था के प्रधान डॉ एसके गोयल ने संस्थाओं की ओर से अतिथिगणों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को महाराजा अग्रसेन के जीवन से परिचित करवाने के लिए पहली बार कर्ण नगरी में अग्रलीला आयोजित की गई जिसको हर साल करवाने का प्रयास किया जाएगा। मौके पर पदमसेन गुप्ता, रमेश गुप्ता, पंकज गोयल, विनोद गोयल, राजकुमार गोयल, राजेश गोयल व पंकज कुमार, यशपाल मित्तल, विनोद मंगला, सुनील गोयल, जगदीश अग्रवाल, पंकज गोयल आदि मौजूद रहे।
इन्होंने निभाई भूमिका
अग्रसेन काल को जीवंत बनाने के लिए मुंबई से 30 कलाकार आए हैं जिनमेें मेकअप आर्टिस्ट, लाइटमैन, ड्रेस कलाकार शामिल हैं। अग्रलीला में महाराज अग्रसेन का किरदार अमृत आंनद, उनकी पत्नी माधवी का पूनम, योगेश अग्रवाल ने वल्लभ सेन, राकेश डंग ने नाग देवता का किरदार निभाया। वहीं, अमर की नृत्य मंडली ने अपने नृत्य से मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया।