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भाव प्रकट करने का सबसे बेहतर माध्यम है कला

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। कला हमेशा अभिव्यक्ति और भावनाओं को तलाशने का एक शक्तिशाली माध्यम रहा है। दुनिया भर में आज के दिन यानी 15 अप्रैल को विश्व कला दिवस मनाया जाता है। विश्व कला दिवस के माध्यम से कलाकारों और आम लोगों को कला के प्रति जागरूक भी किया जाता है। जब विश्व भर के लोग महामारी के चलते तनाव और अकेलेपन से जूझ रहे थे, इसी दौरान उन्हें कला का महत्व ज्यादा समझ में आया। कला के माध्यम से लोगों ने अपने आप को डिप्रेशन में जाने से भी रोका। विश्व कला दिवस के संदर्भ में कलाकारों ने अपनी राय व्यक्त की।
इसलिए मनाया जाता है, विश्व कला दिवस
विश्व कला दिवस को इटली में 15 अप्रैल 1452 को जन्मे महान चित्रकार, मूर्तिकार, वास्तुशिल्पी, संगीतज्ञ, कुशल यांत्रिक, इंजीनियर और वैज्ञानिक लिओनार्दो दा विंची, जिन्हें कला का भंडार भी कहा जाता है, उनकी याद में पहली बार 2012 में 15 अप्रैल को मनाया गया था। वहीं 2017 में इस दिन को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ आर्ट ने अमेरिका में मान्यता दी। 2019 में यूनेस्को के सामान्य सम्मेलन के 40वें सत्र में घोषित कर दुनिया को समर्पित किया था।
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देश की संस्कृति और इतिहास को समझने का माध्यम
विश्व कला दिवस के दिन कलाकार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करके कला दिवस मानते हैं ताकि समाज में लोगों को कला के प्रति जागरूक किया जा सके। किसी भी प्रकार की कला तनाव व अकेलेपन को दूर करती है। महामारी में लोगों ने कला के माध्यम से खुद और अपने बच्चों को भी व्यस्त रखा। कला अभिव्यक्ति और भावनाओं को व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम है। कला से किसी भी देश की संस्कृति व इतिहास को समझा जा सकता है।
- वीरेंद्र वर्मा, कला अध्यापक राजकीय गर्ल्स हाई स्कूल, सेक्टर 13 अर्बन एस्टेट, करनाल
बच्चों के मन में उत्पन्न होते हैं स्वतंत्र भाव
कला मनुष्य जीवन में आनंद का भाव प्रदान करती है। समाज की बदलती आबोहवा और बदलते ताने-बाने को दर्शाने का भी जरिया है। कलाकार अपनी कला के माध्यम से बड़ी से बड़ी बात को सहजता से एक दर्पण की तरह समाज के सामने रख देता है। प्रत्येक बच्चे के मन में कुछ स्वतंत्र भाव उत्पन्न होते हैं। इन भावों को प्रकट करने का कला से बेहतर और अच्छा माध्यम क्या हो सकता है। अब कला शिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। कला को आगे बढ़ाने में खुलकर योगदान दें।
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- बबली शेरावत (सुखबीबा) पीजीटी फाइन आर्ट शिक्षक, राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल
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कला और जीवन का घनिष्ठ संबंध
यदि वास्तविक जीवन का दर्शन करना है तो कला सर्वोच्च माध्यम है। मैंने स्वयं इसे अनुभव किया है। मेरा बचपन संगीत में ही गुजरा है। कला के विकास का उद्देश्य कभी आत्मानुभूति तो कभी आनंद और विनोद है। कला के माध्यम से कभी संघर्ष किया जाता है, तो कभी उस संघर्ष से मुक्ति पाई जाती है। कला यश-प्राप्ति, धन-प्राप्ति, शांति-प्राप्ति तथा समाज को सही राह दिखाने का माध्यम भी बनती है। सभी युवाओं को किसी न किसी कला के साथ जरूर जुड़ना चाहिए।
- रोहित शर्मा, किसमें कितना है दम सीजन-3 के विजेता और जी पंजाबी अंताक्षरी कलाकार
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