करनाल। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है लेकिन नमी के चलते खरीद प्रक्रिया लगभग ठप पड़ी है। चार दिनों के भीतर जिले की 24 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर कुल 5065 मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है जबकि खरीद केवल 174 मीट्रिक टन ही हो पाई है। चौथे दिन करनाल अनाज मंडी में 1648 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई। इस दौरान 28 गेट पास काटे गए लेकिन नमी की मात्रा अधिक होने के कारण पूरे दिन खरीद शून्य रही।
करनाल मंडी के चार दिन के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां अब तक 3490 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है लेकिन खरीद मात्र 110 क्विंटल ही हो सकी है। यह स्थिति न केवल किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, बल्कि आढ़तियों और मंडी प्रशासन के लिए भी चुनौती खड़ी कर रही है। मंडी अधिकारियों का कहना है कि गेहूं में नमी निर्धारित मानकों से अधिक पाई जा रही है।
किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं लेकिन खरीद शुरू न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। वहीं मंडियों में पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण खुले में पड़ी फसल के खराब होने की आशंका है। अनाज मंडी सुपरवाइजर ने बताया कि गेहूं में नमी निर्धारित मात्रा से ज्यादा है। इसकी वजह से खरीद नहीं हो पाई। उन्होंने किसानों से अपील की है कि अपने फसल सूखा कर लाएं।