संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। मंडी के आढ़ती की मिलीभगत से उत्तराखंड का एक किसान रविवार को ट्रैक्टर ट्रॉली में करीब 80 क्विंटल पीआर किस्म का धान लेकर पहुंच गया। कांटे पर गेट पास जारी करते समय मार्केट कमेटी कर्मचारियों ने शक के आधार पर उसे रोक कर जांच की तो किसान उत्तराखंड के जिला हरिद्वार का इरफान निकला। कांटे पर मौजूद कर्मचारियों ने गुरु रामदास ट्रेडिंग कंपनी से पूछा और आढ़ती संतोष जनक जवाब नहीं दे सका। उसके बाद आढ़ती को बाहर के राज्य का पीआर धान लाने के कारण नोटिस भेजा गया। इस पर मार्केट कमेटी सचिव गौरव आर्य ने आढ़ती का 25 से 31 अक्टूबर तक लाइसेंस निलंबित कर दिया।
हरियाणा में धान का समर्थन मूल्य उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से ज्यादा होने के कारण अब यूपी के किसान व्यापारियों व आढ़तियों की मिलीभगत से निसिंग सहित हरियाणा की मंडियों में धान पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं। इससे पूर्व भी किसान सभा जिला सचिव गुलजार सिंह, पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन हरदीप लागर, भाकियू के जिला प्रधान सेवा सिंह ने यूपी की धान की ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी थी और कर्मचारियों ने उसे बाहर निकाल दिया था। उसके बाद आढ़ती ने यूपी से धान निसिंग मंडी में मंगवाने को लेकर 2100-2100 रुपये का जुर्माना लगाकर गोशाला और गुरुघर में दान दिलवाया था। कुछ आढ़ती-व्यापारी मिलीभगत से यूपी के व्यापारियों से यूपी सहित अन्य राज्यों का पीआर किस्म का धान दो हजार रुपये में खरीदकर हरियाणा की मंडियों में एमएसपी पर बेच रहे हैं।
लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
मार्केट कमेटी सचिव गौरव आर्य ने आढ़तियों को चेतावनी दी कि निसिंग मंडी में केवल वही किसान धान बेच सकता है, जिसका नाम मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज है और जो हरियाणा का मूल निवासी है। अगर कोई बाहरी राज्य का किसान जबरदस्ती धान लेकर आता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। निसिंग अनाज मंडी में गुरु रामदास ट्रेडिंग कंपनी का आढ़ती उत्तराखंड से करीब 80 क्विंटल पीआर धान मंडी में गेट पास कटवाकर बेचने की फिराक में था। समय रहते कर्मचारियों ने पकड़ लिया और आढ़ती का एक सप्ताह के लिए लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अगर फिर भी कोई आढ़ती प्रदेश से बाहर का धान अनाज मंडी लाता है तो उसका खिलाफ लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।