माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता और स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी सहित सात पदाधिकारियों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। आज भी सरकार ने इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया। कोई डॉक्टर स्वास्थ्य की जांच करने भी नहीं पहुंचा। आढ़तियों ने एलान किया कि मांगें पूरी होने तक प्रदेशभर की मंडियां बंद रहेंगी। करनाल में आमरण अनशन के साथ-साथ 27 सितंबर से प्रदेश की सभी अनाज मंडियों में हर रोज दो-दो आढ़ती क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठकर धरना देंगे।
धान खरीद तत्काल शुरू करने, 2.5 प्रतिशत आढ़त देने, ई-नेम से बासमती को अलग करने आदि मांगों को लेकर हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के आह्वान पर 19 सितंबर से प्रदेश की सभी अनाज मंडियां बंद हैं। प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता, स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी, शिव कुमार, बिट्टू कालड़ा, राजपाल लाठर, प्रेम बजाज, विजय छावड़ा 23 सितंबर से आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रदेशभर की विभिन्न मंडियों से आढ़तियों ने आमरण अनशन को समर्थन दिया। साथ ही आम आदमी पार्टी के सह प्रभारी हरियाणा दिनेश प्रताप सिंह, एडवोकेट निर्मल सिंह, महेंद्र राठी, संजीव मेहता, बलविंदर सिंह आदि ने मंडी पहुंचकर आढ़तियों को समर्थन दिया और उनकी मांगों को जायज ठहराया। इसके बाद आढ़ती एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि हड़ताल और आमरण अनशन लगातार जारी रहेगा। साथ ही 27 सितंबर से हरियाणा राज्य की प्रत्येक अनाज मंडी में दो-दो आढ़ती अपनी ही मंडी में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल पर बैठेंगे। कृषि मंत्री जेपी दलाल के उस बयान, जिसमें उन्होंने कहा कि आढ़ती अपनी नाजायज मांगों को मनवाने की कोशिश कर रहे हैं, पर स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी ने कहा कि हम अपने हक मांग रहे हैं। चुनौती दी कि यदि सरकार को ई-नेम पॉलिसी इतनी ही सही लगती है तो किसी एक मंडी में ई-नेम पर फसल को बेचकर दिखाएं। कोरोना काल में आढ़तियों ने सरकार का पूरा साथ दिया, अब सरकार को आढ़तियों की मांगों को पूरा करना होगा।
धरना स्थल पर सुनाम मंडी झांसी कुरुक्षेत्र से ज्ञान गोयल प्रधान, नरवाना मंडी के प्रधान सुरेश गर्ग, रादौर यमुनानगर के प्रधान नरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान समय सिंह कंबोज इंद्री मंडी, प्रधान जसबीर सिंह जस्सी साहा मंडी अंबाला, धनपत राय प्रधान शाहबाद मंडी, सुरेंद्र मतलोड़ा मंडी, श्याम बहादुर जी कैथल मंडी, कुणाल अग्रवाल उगाला मंडी, विजेंद्र टामक, राज कुमार सिंगला आदि कई आढ़ती मौजूद रहे।