बिजली किल्लत से खफा गांव धूमसी, खानपुर व गढ़ीजाटान के किसानों ने इंद्री
में पावर हाउस पर हंगामा किया और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। किसानों ने
प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग व सरकार के खिलाफ की जोरदार नारेबाजी।
प्रदर्शनकारियों के बीच तहसीलदार जोगिंद्र सिंह पहुंचे और उन्होंने मौके पर
विभाग के एसई को बुलाया।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आठ घंटे बिजली
सप्लाई दी जाएगी, तब जाकर किसान शांत हुए।
इंद्री क्षेत्र में लोग
बिजली की किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र मेें लोगों को बिजली काफी
कम मिल रही है। बिजली के बिना लोग बेहाल हैं। इस गर्मी से सबसे ज्यादा
दिक्कत किसानों व स्कूली विद्यार्थियों को आ रही है। इस समय धान रोपने का
सीजन पूरे जोरों से चला है और बिजली की ज्यादा जरूरत पड़ रही है।
शुक्रवार
को इंद्री हलके के गांव धूमसी, गढ़ीजाटान व खानपुर आदि गांवों के किसान
पावर हाउस पर पहुंच गए। किसानों का गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच
गया जब मौके पर बिजली विभाग के अधिकारी नहीं मिले। किसानों ने पावर हाउस
प्रांगण में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर थाना प्रभारी
बलबीर सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी बिजली विभाग के
अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। उसके बाद प्रदर्शनकारी किसान
पावर हाउस के गेट पर पहुंच गए और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। विरोध
प्रदर्शन को देखते हुए प्रदर्शनकारियों के बीच तहसीलदार जोगिंद्र सिंह
पहुंचे और किसानों को समझाने बुझाने का प्रयास किया।
तहसीलदार ने किसानों
को आश्वासन दिया कि किसानों की समस्या का ध्यान रखा जाएगा। उन्होेंने मौके
पर विभाग के एसएससी को बुलाया और किसानों से बातचीत करवाई। उसके बाद किसान
शांत हुए।
किसान सुरेंद्र शर्मा, राजाराम, शेर सिंह, बलिंद्र सिंह,
मलकीत, गुरमीत, जीत राम, सुखविंद्र, लालचंद, अंग्रेज सिंह, मुनीष कुमार आदि
ने बताया कि बीजेपी सरकार ने वादा किया था कि किसानों को आठ घंटे बिजली दी
जाएगी। लेकिन दिन में सिर्फ एक दो घंटे बिजली दी जा रही है और उसकी भी
वोल्टेज बहुत कम आती है, जिससे किसानों की मोटरें व ट्रांसफार्मर जल रहे
हैं। किसानों को इस समय जीरी की फसल के लिए पानी की ज्यादा जरूरत है, लेकिन
बिजली नहीं मिलने से उनकी खेती चौपट हो रही है। ऐसे हालात में किसान
बर्बाद हो जाएंगे।
किसानों ने सरकार से अपील की कि पर्याप्त मात्रा में
बिजली उपलब्ध करवाई जाए नहीं तो किसान सड़क पर आने को मजबूर हो जाएंगे। इस
दौरान बिजली कार्यालय से विभाग के अधिकतर कर्मचारी नदारद मिले। तहसीलदार ले
गए हाजिरी रजिस्टर जिस समय किसानों के बीच तहसीलदार पहुंचे तो बिजली विभाग
के अधिकारी व अधिकतर कर्मचारी नदारद मिले। तहसीलदार हाजिरी रजिस्टर अपने
साथ ले गए। उन्होंने कहा कि नदारद कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।