अधिकारी बोले- कार्यदिवस में होंगे बयान दर्ज, भ्रष्टाचार साबित हुआ तो होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गरीब और जरूरतमंदों को राशन बांटने वाले विभाग में भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ने लगा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कॉन्फैड कार्यालय में कार्यरत अकाउंटेंट के भ्रष्टाचार से परेशान होकर सामूहिक त्याग पत्र देने वाले 31 डिपो होल्डरों के प्रतिनिधि रविवार को फरीदाबाद में विभाग मंत्री राजेश नागर से मिले। इस पर मंत्री ने खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को फोन कर मामले की जानकारी ली और उचित दिशा-निर्देश दिए।
डीएफएससी ने कहा कि वे आगामी कार्यदिवस को मामले की गहनता से जांच पड़ताल करेंगे। अगर अकाउंटेंट के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत मिलते हैं तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर नाराज डिपो होल्डरों ने कहा कि अगर अकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे सब अपनी मशीनें खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को सौंप देंगे।
डीएफएससी अनिल कुमार ने कहा कि अब तक उनके पास ऐसे कोई सटीक साक्ष्य नहीं हैं जिनके आधार पर वे अकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। डिपो होल्डर या अन्य भी कोई ऐसे साक्ष्य नहीं पेश कर पाए। अगर ऐसा कोई सबूत हो तो वे उन्हें सौंपे। वे पूरी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजकर कार्रवाई की अनुशंसा करेंगे। फिलहाल अकाउंटेंट दिल की बीमारी से ग्रस्त बताया जा रहा है। सोमवार को अवकाश है। इसलिए वह मंगलवार तक कार्यालय आएगा। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर नाराज डिपो प्रतिनिधियों का कहना है कि अकाउंटेंट बीमार नहीं है। वह जानबूझकर मेडिकल अवकाश पर है। अवकाश पर होने के बाद भी अकाउंटेंट रोजाना कॉन्फैड कार्यालय भी जाता है।
शिकायतकर्ता एवं डिपो होल्डर प्रतिनिधि विकास ने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अकाउंटेंट के भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से परेशान होकर खंड के 31 डिपो होल्डरों ने एक साथ त्यागपत्र तक सौंप दिए हैं। इसके खिलाफ अधिकारियों को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग, आरोप पत्र से लेकर शपथ पत्र तक सौंपे जा चुके हैं। अगर अब भी विभाग ने भ्रष्ट अकाउंटेंट पर कार्रवाई नहीं की तो वे सभी अपनी पीओएस मशीनें खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को सौंप देंगे। इससे करीब 25 हजार राशन कार्ड धारकों पर समय से राशन वितरण का काम प्रभावित हो सकता है
विभाग मंत्री से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया गया है। अगर अकाउंटेंट के खिलाफ ठोस सबूत मिलते हैं तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
- अनिल कुमार, डीएफएससी, करनाल