करनाल। आंदोलन को तेज करते हुए आंगनबाड़ी कर्मियों ने अब विधायकों और मंत्रियों के आवास का घेराव करना शुरू कर दिया है। इसके तहत सोमवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स ने करीब पौन घंटे तक नीलोखेड़ी विधायक धर्मपाल गोंदर के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले विधायक आवास के नजदीक ही थ्री लेयर बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारियों को रोक लिया गया। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपने से मना कर दिया। बाद में विधायक से फोन पर हुई वार्ता के बाद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही आंगनबाड़ी कर्मियों ने मंगलवार को प्रेम नगर स्थित सीएम आवास के घेराव का एलान किया है।
आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की तालमेल कमेटी के आह्वान पर विधायकों के आवास के घेराव की योजना बनाई गई है। इसके तहत सोमवार को फव्वारा पार्क से जुलूस के रूप में एकत्रित होकर दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रदर्शनकारी मॉडल टाउन के नजदीक स्थित विधायक आवास पर पहुंचे। इसके बाद सवा दो बजे तक यहां प्रदर्शन किया। पुलिस ने जब उन्हें आवास के नजदीक ही रोक लिया तो ठंड में अंागनबाड़ी कर्मी सड़क पर ही बैठ गईं। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए रोष व्यक्त किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान रूपा राणा व संचालन नीलम ने किया। इस अवसर पर सविता, बबीता, ममता, पिंकी, कांता, राकेश राणा, नीलम, बबीता, ममता और कुसुम मौजूद रहे।
मांगें मानने के बाद ही प्रशिक्षण में लेंगी हिस्सा
यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार अड़ियल रवैया छोड़कर 2018 में विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा को लागू करे। सरकार की हठधर्मिता से उनमें रोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि जब तक मांगे नहीं मानी जाएंगी तब तक वे प्ले वे स्कूल के नाम पर दिए जाने वाले प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लेंगी।
प्रशिक्षण हड़ताल को कमजोर करने की साजिश
सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, रूपा राणा, बिजनेश राणा, रीना, ओपी माटा और जगमाल सिंह ने कहा कि सरकार समस्याओं का समाधान नहीं कर रही हैं। एक तरफ सरकार ने कोरोना के चलते स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दे रखा है, वहीं स्कूल स्टाफ को आधी संख्या में बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्ले वे स्कूलों की ट्रेनिंग उनकी हड़ताल को कमजोर करने की साजिश है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।