आंगनबाड़ी कर्मियों की हड़ताल के 43 दिन बाद भी उनकी मांगों पर सरकार से सहमति नहीं बन पाई। कर्मचारी संगठनों के साथ फव्वारा पार्क में बुधवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की बैठक हुई। यहां संगठनों के पदाधिकारियों से बातचीत के बाद उन्होंने लघु सचिवालय तक रोष मार्च निकालकर उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। यहां पर उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से वार्ता कराने की मांग भी की।
बैठक का संचालन जिला सचिव बिजनेश राणा ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार अड़ियल रवैया छोड़कर 2018 में विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा को तुरंत प्रभाव से लागू करें। सरकार उनकी वेतन बढ़ोतरी के साथ वर्करों के 1500 रुपये और हेल्पर के 750 रुपये शीघ्र जारी करे। आंगनबाड़ी वर्कर्स महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अनिवार्य किए गए प्रशिक्षण का भी बहिष्कार कर रही हैं। सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, जगपाल राणा, रूपा राणा, रीना और ओपी माटा ने कहा कि सरकार वर्कर्स और हेल्पर्स की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही हैं। प्ले वे स्कूलों के प्रशिक्षण का आयोजन आंगनबाड़ी कर्मियों की हड़ताल को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि संयुक्त तालमेल कमेटी के नेतृत्व में आठ दिसंबर से हड़ताल जारी है। मांगे मानने की बजाय विभाग की ओर से नौकरी से हटाने के नोटिस दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर सुदेश राणा, पूनम गगसीना, सविता, बलराज सिंह, बबीता, निर्मला, ममता और पिंकी मौजूद रहे। ब्यूरो